हिन्दू साम्राज्य दिवस

छत्रपति शिवाजी महाराज भारतीय इतिहास के ऐसे अद्वितीय नायक हैं जिन्हें न केवल वर्तमान बल्कि भविष्य की अनेक पीढ़ियाँ भी स्मरण करेंगी। इसका मुख्य कारण यह है कि उन्होंने उस युग में, जब इस्लामी आक्रांताओं के अत्याचारों से भारतीय समाज शिथिल हो चुका था, एक नई चेतना और जागृति का संगठित प्रयास करते हुए उसे पुनर्जीवित किया।

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“हमें अपनी सुरक्षा के मामले में ‘स्व’ निर्भर होना चाहिए” – डॉ. मोहन भागवत जी

नागपुर, 05 जून। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कार्यकर्ता विकास वर्ग द्वितीय के समापन समारोह में कहा कि “हमें अपनी सुरक्षा के मामले में ‘स्व’ निर्भर होना चाहिए।” और इसके लिए सेना, शासन-प्रशासन के साथ समाज बल आवश्यक है। पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद की गई कार्रवाई से देश की रक्षा और रक्षात्मक अनुसंधान क्षमताएं सिद्ध हुईं। इस अवसर पर शासन और प्रशासन की दृढ़ता भी दिखी।

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तियानमेन चौक नरसंहार : वामपंथी खूनी इतिहास एवं संविधान विरोधी कृत्यों के सन्दर्भ में

तियानमेन चौक नरसंहार (3–4 जून 1989) वामपंथी अधिनायकवादी विचारधारा की अमानवीय प्रवृत्तियों और उसके छिपे हुए कुटिल उद्देश्यों का एक ज्वलंत प्रतीक है। इस दौरान न केवल हजारों निर्दोष नागरिकों, विशेषकर छात्रों और श्रमिकों, का निर्मम दमन किया गया, बल्कि करोड़ों चीनी नागरिकों के मौलिक संवैधानिक अधिकारों को भी रौंद दिया गया। यह घटना दिखाती है कि जब सत्ता जनभावनाओं से कटकर केवल दमन के बल पर शासन करती है, तो वह रक्तपात और लोकतांत्रिक आकांक्षाओं को कुचलने में भी नहीं चूकती।

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सार्थक संवाद ही पत्रकारिता का मूल मंत्र : सुभाष जी

झांसी। पत्रकारिता के क्षेत्र में विश्वसनीयता कम हो रही है और विश्वास के बिना समाज,देश , दुनिया का चलना संभव नहीं है। श्रृद्धा जगाने का काम प्रोफेशन वाला नहीं कर सकता। पत्रकारिता एक मिशन हुआ करता था, जो कि अब प्रोफेशन बन गया है। यह विचार देवर्षि नारद जयंती के अवसर पर आयोजित संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक सुभाष जी ने व्यक्त किए। वहीं मुख्य अतिथि पद्मश्री उमाशंकर पांडेय ने कहा कि जल है तो कल है। अब जल और पर्यावरण पर भी पत्रकारिता आवश्यक है।

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देवी अहिल्याबाई होलकर : जन्म 31 मई, 1725

संक्षिप्त परिचय

देवी अहिल्याबाई होलकर का जन्म महाराष्ट्र के अहमदनगर के जामखेड़ स्थित चौंढी गांव में 31 मई 1725 को हुआ था। उनके पिता का नाम मानकोजी शिंदे था, जो मराठा साम्राज्य में पाटिल के पद पर कार्यरत थे। देवी अहिल्याबाई का विवाह मालवा में होलकर राज्य के संस्थापक मल्हारराव होलकर के पुत्र खंडेराव से हुआ था। साल 1745 में अहिल्याबाई के बेटे मालेराव का जन्म हुआ। इसके करीब 3 साल बाद बेटी मुक्ताबाई ने जन्म लिया।

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वीर सावरकर और महात्मा गाँधी

वीर सावरकर की जीवनी लिखने वाले प्रख्यात लेखक धनंजय कीर लिखते है, “समाज की भलाई के लिए कई बार दो महान लोग एक समय में अलग-अलग कार्य कर रहे होते हैं। इसमें एक व्यक्ति वह होता है, जोकि समाज के भलाई के लिए कष्ट सहन करता है और दूसरा उसकी बेहतरी का बीड़ा उठता है। गाँधी पहली तरह के व्यक्तियों में शामिल थे जबकि सावरकर दूसरी तरह के लोगों का नेतृत्व करते है।”[1] वीर सावरकर के अलावा लोकमान्य तिलक, डॉ. भीमराव आंबेडकर और ज्योतिराव फुले के भी जीवनीकार हैं।

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तमस को चीर कर प्रकाश लाने वाला ही पत्रकार है: सुभाष जी

कानपुर. भारत में पत्रकारिता नाम नहीं था। यहां संदेश संप्रेषण शब्द का प्रयोग किया जाता था। आज पत्रकारिता का एक उद्देश्य है। पत्रकार एक योद्धा है, पत्रकार एक साधक है। पत्रकार बिकता नहीं है, पत्रकार ठहरता नहीं है। जो तमस को चीर कर प्रकाश लाता है, वही पत्रकार है। ये बातें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्र प्रचार प्रमुख सुभाष जी ने विश्व संवाद केंद्र, कानपुर द्वारा बीएनएसडी शिक्षा निकेतन, कानपुर में आयोजित नारद जयंती कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहीं।

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शक्ति हो तो विश्व प्रेम और मंगल की भाषा सुनता है – डॉ. मोहन भागवत जी

जयपुर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि दुनिया तब ही आपको सुनती है, जब आपके पास शक्ति हो। भारत विश्व का सबसे प्राचीन देश है। उसकी भूमिका बड़े भाई की है। भारत विश्व में शांति और सौहार्द के लिए कार्य कर रहा है। सरसंघचालक जी शनिवार को जयपुर के हरमाडा स्थित रविनाथ आश्रम में आयोजित रविनाथ महाराज की पुण्यतिथि के कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे।

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कानपुर में संघ शिक्षा वर्ग हेतु भूमि पूजन हुआ सम्पन्न

कार्यकर्ताओं में सर्वांगीण प्रवीणता लाने हेतु राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रशिक्षण वर्गों का आयोजन करता है। इन वर्गों से प्रशिक्षित स्वयंसेवक संघ की कार्य पद्धति से भली भांति परिचित होते हैं और आगे चलकर यही स्वयंसेवक राष्ट्र की सेवा में अपना तन मन धन लगा देते हैं, उक्त विचार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रान्त प्रचारक श्रीराम जी ने रविवार को मेहरबान सिंह पुरवा स्थित सीo एचo एसo गुरुकुलम में वर्ग व्यवस्था संचालन टोली की बैठक में व्यक्त किये।

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हमीरपुर में मनाई गई आद्य पत्रकार नारद जी की जयंती

मौदहा, हमीरपुर। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज में प्रचार विभाग हमीरपुर की ओर से नारद जयंती का कार्यक्रम मनाया गया। उक्त कार्यक्रम की अध्यक्षता मौदहा प्रेस क्लब के अध्यक्ष राजेश अवस्थी ने की। इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता दैनिक जागरण के वरिष्ठ पत्रकार एवं मौदहा प्रेस क्लब के निदेशक मनोज त्रिपाठी ने कहा कि ब्रम्हा जी के मानस पुत्र नारद जी आद्य पत्रकार के रूप में जाने जाते हैं, उनके द्वारा सतयुग,द्वापर व त्रेतायुग में समाचारों का आदान प्रदान किया जाता था। इनको असुर व देवताओं के समाचार वाहक के रूप में भी जाना जाता है, नारद जी को पृथ्वी का प्रथम पत्रकार माना जाता है। इस मौके पर मौदहा प्रेस क्लब के संस्थापक अरुण शुक्ला ने भी अपने विचार व्यक्त किए। जिला प्रचार प्रमुख भारत सिंह ने अतिथियों का परिचय कराया एवं आभार व्यक्त किया। इस मौके पर रमैया प्रजापति, मातादीन प्रजापति, रईस उद्दीन, नवल किशोर, लाला मास्टर मोहम्मद इस्लाम आदि पत्रकार बन्धु उपस्थित रहे।