हमें सृष्टि से सामन्जस्य स्थापित करने का स्वभाव पीढ़ी दर पीढ़ी परम्परा से मिला है – डॉ. मोहन भागवत जी

नागपुर, 04 जून 2026।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ‘कार्यकर्ता विकास वर्ग – द्वितीय’ का समापन समारोह, गुरुवार 4 जून, 2026, अधिक ज्येष्ठ कृष्ण चतुर्थी  को  रेशिमबाग मैदान में संपन्न हुआ। इस अखिल भारतीय वर्ग के समापन समारोह के  प्रमुख अतिथि  प्रसिद्ध उद्योगपति पद्मभूषण कुमार मंगलम बिरला जी रहे और सरसंघचालक डॉ. मोहन जी भागवत का उद्बोधन हुआ। कार्यक्रम में देश भर से आमंत्रित विशेष अतिथि पद्मश्री भारतभूषण जी त्यागी, पूज्य श्री योगी भवनाथ जी महाराज, महाराजा गज सिंह जी, गोपालभाई मावजी गोरसिया, दिव्यम जी त्रिपाठी, भार्गवभाई सुथार उपस्थित रहे।

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बिरसा मुंडा के ‘उलगुलान’ के बाद सबसे बड़ा जनजातीय आंदोलन है लाल किले का यह समागम: अमित शाह

नई दिल्ली। 24 मई 2026

दिल्ली के लाल किला मैदान में जनजाति सांस्कृतिक समागम के भव्य आयोजन के मौके पर भारत सरकार के गृहमंत्री अमित शाह ने लगभग 1.5 लाख जनजातियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि यह समागम जनजातियों के महाकुंभ के नाम से जाना जाएगा। गृह मंत्री ने कहा कि यह सांस्कृतिक समागम आने वाले अनेक वर्षों तक जनजातियों के अस्तित्व , अस्मिता और संस्कृति के आंदोलन को नई पहचान देने के रूप में जाना जाएगा।

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पंच परिवर्तन ही वर्तमान हिन्दुत्व का युगधर्म – दत्तात्रेय होसबाळे जी

पुणे। राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान में आयोजित ‘अनंत आणि पद्मा बिरादार परिवार’ के स्नेहमिलन तथा परिवार प्रबोधन कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने कहा कि “हिन्दुओं का संगठन ही हिन्दुत्व का शाश्वत धर्म है। लेकिन बदलते समय के अनुसार सामाजिक समरसता, परिवार प्रबोधन, पर्यावरण संवर्धन, स्वबोध और नागरिक कर्तव्यों का पालन, यह ‘पंच परिवर्तन’ का मंत्र ही अब हिन्दुत्व का युगधर्म है”।

इस अवसर पर मंच पर हरीक्षेत्र हरिहर स्थित वीरशैव लिंगायत पंचमसाली जगद्गुरु पीठ के जगद्गुरू वचनानंद महास्वामी जी भी उपस्थित रहे।

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सशक्त और समरस राष्ट्र निर्माण ही संघ का मुख्य लक्ष्य: नरेंद्र ठाकुर

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, कानपुर प्रान्त द्वारा बेनाझाबर, कानपुर में मीडिया संवाद का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख श्रीमान नरेन्द्र ठाकुर जी ने कहा कि संघ शताब्दी वर्ष में विविध प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। यह क्रम विजयादशमी 2025 से प्रारंभ हुआ था। इसके बाद पथसंचलन, व्यापक गृह संपर्क व हिन्दू सम्मेलन पूरे देश में हुए। आप सभी पत्रकारों में से कुछ समाचार लिखने वाले और कुछ इन विषयों पर सामग्री निर्माण करने वाले होंगे। इसलिए आपको संघ के बारे में जानकारी होना आवश्यक है।

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शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम, सामाजिक चुनौतियों और संगठन विस्तार पर होगा मंथन

– शताब्दी वर्ष में अभी तक कुछ प्रांतों में गृह संपर्क अभियान के माध्यम से 10 करोड़ से अधिक घरों तक पहुंचे
 
– बैठक में संत शिरोमणि रविदास की 650वीं जयंती वर्ष के कार्यक्रमों पर भी चर्चा होगी

समालखा (पानीपत), 11 मार्च 2026।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की निर्णय लेने वाली सबसे बड़ी बैठक अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा 13 से 15 मार्च तक समालखा स्थित माधव सृष्टि परिसर में आयोजित होगी। तीन दिन चलने वाली बैठक में देशभर से संघ और संघ प्रेरित संगठनों के कुल 1487 प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह जानकारी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर जी ने माधव सृष्टि परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में पत्रकारों को दी। इस दौरान उनके साथ मंच पर उत्तर क्षेत्र संघचालक पवन जिंदल जी उपस्थित रहे।
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संगठित हिन्दू, समर्थ भारत ही राष्ट्र की उन्नति का मूलमंत्र: रामकेश जी

उरई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के तत्वावधान में जनपद के उरई नगर (दयानंद बस्ती) द्वारा आयोजित ‘हिन्दू सम्मेलन’ धूमधाम से संपन्न हुआ। राठ रोड स्थित स्वयंवर गेस्ट हाउस में आयोजित इस सम्मेलन में सकल हिन्दू समाज ने अपनी सहभागिता दर्ज की। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित कानपुर प्रांत के कार्यवाह रामकेश जी ने समाज को एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

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सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक समरसता का शंखनाद: भिटारा में संपन्न हुआ ‘विराट हिन्दू सम्मेलन’

जालौन (उरई): “जब-जब हिन्दू घटा है, तब-तब हिन्दू कटा है।” यह आह्वान जालौन के भिटारा गाँव में गूँजा, जहाँ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में ‘विराट हिन्दू सम्मेलन’ का भव्य आयोजन किया गया। यह सम्मेलन केवल एक आयोजन मात्र नहीं, बल्कि सुप्त पड़ी सांस्कृतिक चेतना को पुनः जागृत करने और समाज को एकता के सूत्र में पिरोने का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा।

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देशहित किसी का एकाधिकार नहीं, हम सबका सामूहिक उत्तरदायित्व है – डॉ. मोहन भागवत जी

राजकोट। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने आज संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त राजकोट में आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी में सौराष्ट्र-कच्छ के प्रबुद्ध नागरिकों के साथ संवाद किया। सेवा भारती भवन में आयोजित गोष्ठी में सरसंघचालक जी ने कहा कि देशहित पर किसी का एकाधिकार (monopoly) नहीं हो सकता। यह हम सबका सामूहिक उत्तरदायित्व है और संघ ऐसे कार्य करने वाले सभी लोगों के साथ खड़ा है।

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धर्म हमें करणीय व अकरणीय का ज्ञान देता है – डॉ. मोहन भागवत जी

ग्रंथ, शास्त्र और संतों की वाणी हमारी समझ और सामर्थ्य को बढ़ाते हैं – आचार्य महाश्रमण जी

नागौर।

जिले के छोटी खाटू कस्बे में 162वें मर्यादा महोत्सव के अवसर पर विशाल व भव्य कार्यक्रम संपन्न हुआ। आचार्य महाश्रमण के पावन सान्निध्य में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।

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व्यवसाय के साथ राष्ट्र धर्म, समाज धर्म का भी पालन हो – दत्तात्रेय होसबाले जी

काशी, 24 जनवरी। संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त आयोजित युवा व्यवसायी सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने कहा कि भारतीय उद्योगों में तकनीकी के साथ रोजगार सृजन भी आवश्यक है, हर हाथ को काम मिलना चाहिए। वर्तमान परिवेश में सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय का ध्यान रखना आवश्यक है। व्यवसाय को सुदृढ़ करने हेतु गांव से पलायन अनिवार्य नहीं है। व्यवसाय के साथ राष्ट्र धर्म, समाज धर्म का भी पालन हो।

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