देशहित किसी का एकाधिकार नहीं, हम सबका सामूहिक उत्तरदायित्व है – डॉ. मोहन भागवत जी

राजकोट। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने आज संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त राजकोट में आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी में सौराष्ट्र-कच्छ के प्रबुद्ध नागरिकों के साथ संवाद किया। सेवा भारती भवन में आयोजित गोष्ठी में सरसंघचालक जी ने कहा कि देशहित पर किसी का एकाधिकार (monopoly) नहीं हो सकता। यह हम सबका सामूहिक उत्तरदायित्व है और संघ ऐसे कार्य करने वाले सभी लोगों के साथ खड़ा है।

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धर्म हमें करणीय व अकरणीय का ज्ञान देता है – डॉ. मोहन भागवत जी

ग्रंथ, शास्त्र और संतों की वाणी हमारी समझ और सामर्थ्य को बढ़ाते हैं – आचार्य महाश्रमण जी

नागौर।

जिले के छोटी खाटू कस्बे में 162वें मर्यादा महोत्सव के अवसर पर विशाल व भव्य कार्यक्रम संपन्न हुआ। आचार्य महाश्रमण के पावन सान्निध्य में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।

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व्यवसाय के साथ राष्ट्र धर्म, समाज धर्म का भी पालन हो – दत्तात्रेय होसबाले जी

काशी, 24 जनवरी। संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त आयोजित युवा व्यवसायी सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने कहा कि भारतीय उद्योगों में तकनीकी के साथ रोजगार सृजन भी आवश्यक है, हर हाथ को काम मिलना चाहिए। वर्तमान परिवेश में सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय का ध्यान रखना आवश्यक है। व्यवसाय को सुदृढ़ करने हेतु गांव से पलायन अनिवार्य नहीं है। व्यवसाय के साथ राष्ट्र धर्म, समाज धर्म का भी पालन हो।

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गुणों का सागर थे अशोकराव मोडक – दत्तात्रेस होसबाले जी

मुंबई। प्राचार्य बी. एन. वैद्य सभागार, दादर पूर्व में तत्वचिंतक और संगठक, अभाविप के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा पूर्व विधायक श्रद्धेय स्व. डॉ. अशोकराव मोडक की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने कहा कि “प्राध्यापकों का आदर्श व्यक्तित्व कैसा होना चाहिए, इसका जीवंत उदाहरण अशोकराव मोडक हैं। वे एक प्रकार से गुणों का सागर थे। संघ का विषय हो या हिन्दुत्व का विषय, उनका सभी में गहन अध्ययन था। अशोकराव विनम्रता के प्रतिमूर्ति थे”।

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सजग होकर राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना समाज के प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य – दत्तात्रेय होसबाले जी

काशी, 24 जनवरी। संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त काशी हिन्दू विश्वविद्यालय परिसर के स्वतंत्रता भवन में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने कहा कि ईश्वर की कृपा एवं अपने प्रयत्न से युवा राष्ट्र का पुनर्निर्माण करेंगे। किसान सारे प्रयत्न करता है, पर ईश्वर ने यदि वर्षा और धूप नहीं दी तो कोई लाभ नहीं होता। इसी प्रकार ईश्वर द्वारा प्रदत्त वर्षा और धूप होने के बाद भी यदि किसान प्रयत्न न करे तो अन्न नहीं पैदा हो सकता।

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समाज यदि परिवार भावना से एकजुट होकर कार्य करे, तो राष्ट्र समर्थ बनेगा – दत्तात्रेय होसबाले जी

जबलपुर, 23 जनवरी।

संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त जबलपुर की सुहागी बस्ती में आयोजित विराट हिन्दू सम्मेलन में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने कहा कि सम्पूर्ण देश का हिन्दू समाज यदि एक परिवार की भावना से एकजुट होकर कार्य करे, तभी राष्ट्र समर्थ बनेगा। हिन्दू संस्कृति सृष्टि की प्रत्येक वस्तु में ईश्वर का दर्शन करती है और कन्या, ज्ञान व समृद्धि की पूजा करती है। ऐसी संस्कृति में भी यदि महिलाओं एवं कन्याओं की सुरक्षा के लिए कानून बनाने की आवश्यकता पड़ती है, तो समाज को आत्ममंथन कर सुधार की दिशा में आगे बढ़ना होगा।

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आदिवासी समाज और हिन्दू समाज अलग नहीं – डॉ. मोहन भागवत जी

रांची, 24 जनवरी। रांची के डीबडीह में जनजातीय संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में झारखंड के विभिन्न जिलों से आए जनजातीय समाज के प्रतिनिधि, बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया।

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हिन्दू समाज की एकता और समरसता से ही भारत बनेगा वैभवशाली: भवानी भीख जी

एकता और समरसता के संकल्प के साथ जोल्हूपुर में ‘विराट हिन्दू सम्मेलन’ संपन्न

जोल्हूपुर, कालपी (उरई)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के स्थापना के सौ वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी अभियान के अंतर्गत, कदौरा खण्ड के उसरगांव मण्डल स्थित ग्राम जोल्हूपुर में ‘विराट हिन्दू सम्मेलन’ का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में वक्ताओं ने हिंदू समाज की एकजुटता, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण में नागरिक कर्तव्यों पर विशेष बल दिया।

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जाति बंधन तोड़कर हिन्दू समाज को एकता के सूत्र में बंधना होगा – अनिल जी

सनातन का उत्थान ही भारत का उत्थान है: क्षेत्र प्रचारक

कानपुर. हिन्दू धर्म पूरे विश्व को अपना परिवार मानता है। कोई भी धार्मिक अनुष्ठान करने पर पुरोहित उ‌द्घोष करते है कि विश्व का कल्याण हो। विश्व में कोई भी ऐसा देश नहीं है जो पूरे विश्व की कामना करता हो। हिन्दू संगठित होगा तो विश्व का कल्याण होगा। महर्षि अरबिन्द ने कहा था कि अगर सनातन का उत्थान होगा तो भारत का उत्थान होगा। यदि पतन होगा तो भारत का पतन होगा। हजार वर्षों तक विधर्मियों ने देश पर कई आक्रमण किये परन्तु देश नहीं बॉट पाये लेकिन अब आकमण कारियों ने हथियार बदल दिया है और देश तोड़ने के लिये जयचन्द्रों को खड़ा कर दिया है। विदेशी पैसे पर पलने वाले देश को अलग-2 टुकड़ों में बॉट रहे है। राजनैतिक पार्टिया हिन्दू समाज को तोड़ने के लिये जातिगत पार्टिया बना रही है। जाति बन्धन को तोड़कर हिन्दू समाज को एकता के सूत्र में हम सभी को बाँधना होगा।

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RSS के 100 वर्ष: कानपुर और महोबा में विराट हिंदू सम्मेलन, सामाजिक समरसता पर दिया जोर

कानपुर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में चल रही कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में ‘विराट हिंदू सम्मेलनों’ का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में कानपुर के नयागंज और महोबा के खन्ना क्षेत्र में भव्य कार्यक्रम संपन्न हुए, जिनमें हजारों की संख्या में स्वयंसेवकों और आम नागरिकों ने सहभागिता की। इन सम्मेलनों के माध्यम से समाज को जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर ‘परम वैभवशाली भारत’ के निर्माण हेतु एकजुट होने का संदेश दिया गया।

कानपुर: नयागंज में गूंजा सामाजिक समरसता का मंत्र

21 जनवरी 2026 को कानपुर के नयागंज स्थित नागेश्वर बस्ती-श्रद्धानन्द नगर में हिन्दू सम्मेलन आयोजन समिति द्वारा एक गरिमामयी सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित RSS के क्षेत्र प्रचारक श्रीमान अनिल जी ने कहा कि संघ के 100 वर्षों का इतिहास राष्ट्र के प्रति समर्पण और अटूट अनुशासन का रहा है। उन्होंने राष्ट्र निर्माण में स्वयंसेवकों की भूमिका और सामाजिक एकीकरण पर विस्तार से प्रकाश डाला।

इस अवसर पर जगद्गुरु कृपालु जी महाराज की शिष्या साध्वी डॉ. कुंजेश्वरी देवी जी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना को हिंदू समाज की शक्ति बताया। आयोजन की खास बात ‘समरसता’ का व्यावहारिक स्वरूप रही, जहाँ सफाई नायक राजकुमार दिल्लीवाल को उनके उल्लेखनीय सेवा कार्यों के लिए मंच पर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संयोजन घनश्याम जी और संचालन सोम गुप्ता ने किया।

महोबा: “जाति-पाति की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई”

महोबा के खन्ना थाना अंतर्गत ग्योडी गांव में आयोजित सम्मेलन में प्रांत प्रचारक श्री रामजी भाईसाहब का ओजस्वी मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। उन्होंने अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते सम्मान को हिंदू एकता का प्रत्यक्ष परिणाम बताया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “जब-जब हिंदू घटा है, तब-तब हिंदू कटा है, इसलिए हमें आंतरिक भेदभाव भूलकर एक होना होगा।”

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में साध्वी सर्वसिद्धा गिरी और पुरुषोत्तम महाराज उपस्थित रहे। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री के रूप में आज भारत को वैश्विक पटल पर जो सम्मान मिल रहा है, वह वास्तव में भारत की 140 करोड़ जनता और संगठित हिंदू समाज की शक्ति का सम्मान है।

अनुशासित और भव्य आयोजन

दोनों ही स्थानों पर आयोजनों की सबसे बड़ी विशेषता उनका अनुशासन रही। कानपुर में प्रशासन और पुलिस विभाग के सहयोग से यातायात और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। सम्मेलनों में समाज के हर वर्ग, महिलाओं और युवाओं की भारी उपस्थिति यह दर्शाती है कि संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने पर समाज में एक नई वैचारिक चेतना का संचार हो रहा है।

प्रमुख उपस्थिति:

कानपुर में कार्यक्रम के संयोजक घनश्याम जी रहे तथा संचालन सोम गुप्ता जी ने किया। मुख्य रूप से नागेश्वर बस्ती प्रमुख शशिकांत गुप्ता जी, शिवभगवान गोस्वामी जी, शशिकुमार गुप्ता जी, अरुण तिवारी जी, प्रवीण शुक्ला जी, विनीत चौधरी जी, सुरेन्द्र गुप्ता जी, वरुण गुप्ता जी आदि उपस्थित रहें।

वहीं महोबा में जिला प्रचारक सौरभ जी, जिला शारीरिक शिक्षण प्रमुख रोहित राज जी, जिला कार्यवाह प्रमोद जी, खंड कार्यवाह अंकित जी, खंड व्यवस्था प्रमुख रूपेन्द्र सिंह जी आदि उपस्थित रहें।