गुणों का सागर थे अशोकराव मोडक – दत्तात्रेस होसबाले जी

मुंबई। प्राचार्य बी. एन. वैद्य सभागार, दादर पूर्व में तत्वचिंतक और संगठक, अभाविप के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा पूर्व विधायक श्रद्धेय स्व. डॉ. अशोकराव मोडक की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने कहा कि “प्राध्यापकों का आदर्श व्यक्तित्व कैसा होना चाहिए, इसका जीवंत उदाहरण अशोकराव मोडक हैं। वे एक प्रकार से गुणों का सागर थे। संघ का विषय हो या हिन्दुत्व का विषय, उनका सभी में गहन अध्ययन था। अशोकराव विनम्रता के प्रतिमूर्ति थे”।

अशोकराव जी की स्मृतियों का स्मरण करते हुए सरकार्यवाह जी ने कहा कि मैं बेंगलुरु का एक नगर स्तर का कार्यकर्ता था। १९७४ के अभाविप के दादर में हुए एक अधिवेशन में पंद्रह दिन पहले जोड़ने का संदेश मुझे मिला। उस समय अधिवेशन की शोभायात्रा विभाग की जिम्मेदारी अशोकराव जी के पास थी। तब अशोकराव जी से मेरा संपर्क हुआ और तब से मुंबई से मेरा आत्मीय संबंध जुड़ गया।

“अब गूगल के युग में बहुत सी चीजें आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं। पहले ऐसी चीजें नहीं थीं। उस समय भी अशोकराव जी मूल अध्ययन करने वाले परिश्रमी शोधकर्ता थे। ‘मन समर्पित, तन समर्पित और यह जीवन समर्पित’ संघ के इस गीत का प्रत्येक शब्द उनके जीवन से जुड़ा हुआ है। उनके जीवन का कम से कम एक आदर्श बिंदु हम अपने आचरण में लाएं, यही उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”

मुंबई में डॉ. अशोकराव मोडक की श्रद्धांजलि सभा में संबोधित करते सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर जी ने कहा कि “अशोकराव जी की सहजता मन को भाती थी। अपना स्वभाव हमें खुद को गढ़ना पड़ता है और अध्ययन से यह सिद्ध होता है, ऐसा वे हमेशा कहते थे। नई पीढ़ी को तैयार करने का कठिन कार्य अशोकराव ने किया”।

श्रद्धांजलि सभा में अशोकराव मोडक जी के परिवार से उनकी पत्नी डॉ. अंजली अशोक मोडक, सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

श्रद्धांजलि सभा के दौरान राज्य के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांतदादा पाटील, विवेकानंद केंद्र के महाराष्ट्र-गोवा राज्य प्रमुख अभय बापट, कोकण पदवीधर मंच के वसंतराव काणे, राष्ट्रीय सामाजिक विज्ञान परिषद की सचिव वैदेही दप्तरदार, मुंबई विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रा. रवींद्र कुलकर्णी, भारतीय स्त्री शक्ति की नयना सहस्रबुद्धे, रामभाऊ म्हाळगी प्रबोधिनी के अभिराम पाटील, अभाविप के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य मिलिंद मराठे, भारतीय मजदूर संघ के संगठन मंत्री बी. सुरेंद्रन जी, ने अशोक जी की स्मृतियों का स्मरण किया।

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