भा.म.सं.@70 – श्रमिक आंदोलन को भारत की आत्मा से जोड़ने वाली यात्रा

विरजेश उपाध्याय

23 जुलाई, 2025 को भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस, भा.म.सं.) अपनी स्थापना के 70 वर्ष पूरे कर रहा है। आज यह केवल भारत का ही सबसे बड़ा श्रमिक संगठन नहीं है, बल्कि एक ऐसा आंदोलन है, जिसने देश के श्रमिक आंदोलन की आत्मा को दिशा, उद्देश्य और भारतीय मूल्य दिए।

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सरसंघचालक जी ने जानी शून्य से विश्व बनाने वाली कर्तृत्ववान महिलाओं की कहानी

सोलापुर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने गुरुवार को उद्योगवर्धिनी संस्था का सद्भावना दौरा किया। इस दौरान उन्होंने संस्था के कार्यों की जानकारी ली और महिला सशक्तिकरण के प्रकल्प की सराहना की। उन्होंने उद्योगवर्धिनी की उन कर्मठ महिलाओं की सफलता की कहानी जानी, जिन्होंने शून्य से अपना संसार खड़ा किया है।

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गुरु पूर्णिमा : आषाढ़, शुक्ल पक्ष, पूर्णिमा

भारत में गुरुपूर्णिमा का पर्व केवल एक तिथि नहीं, बल्कि एक जीवंत परंपरा है – जो प्राचीन काल से हमारे जीवन और चिंतन का अभिन्न अंग रही है। यह पर्व न केवल ऐतिहासिक महत्व रखता है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना का मूल स्रोत भी है। हमारे धर्मग्रंथों, महाकाव्यों, दर्शनों और लोक परंपराओं में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है – कहीं गुरु रूप में कोई संत, कहीं ऋषि-महर्षि, और कहीं स्वयं भगवान तक को प्रतिष्ठित किया गया है। और कहीं गुरु के रूप में केसरिया ध्वज — एक चेतन प्रतीक, जो त्याग, तप और तेज का प्रतिनिधि है।

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In the centenary year, Sangh will reach every village and every house : Sunil Ambekar

Hindu Sammelans will be organised in 58,964 Mandals and 44,055 Bastis across the country

Prant Pracharak Baithak of Rashtriya Swayamsevak Sangh was held in Keshav Kunj, Jhandewalan, Delhi on July 4, 5, 6. In the press briefing held at Keshav Kunj, Akhil Bharatiya Pracharak Pramukh Sunil Ambekar Ji provided information regarding the Baithak. In the Baithak, all Karyakartas received the guidance of Pujaniya Sarsanghchalak Ji and Mananiya Sarkaryavah Ji.

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शताब्दी वर्ष में हर गांव, हर घर तक पहुंचेगा संघ : सुनील आंबेकर

देशभर में 58964 मंडल, 4455 बस्तियों में आयोजित होंगे हिन्दू सम्मेलन
केशव कुंज दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक (04, 05, 06 जुलाई 2025) रविवार को संपन्न हुई। आज केशव कुंज में आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर जी ने बैठक के संबंध में जानकारी प्रदान की। बैठक में पूजनीय सरसंघचालक जी, माननीय सरकार्यवाह जी का मार्गदर्शन सभी कार्यकर्ताओं को प्राप्त हुआ।

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04 जुलाई से दिल्ली में तीन दिवसीय प्रांत प्रचारक बैठक में होगी शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की योजना पर विस्तृत चर्चा

नई दिल्ली, 03 जुलाई 2025। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक का आयोजन केशव कुंज (दिल्ली) में 04 से 06 जुलाई तक होने वाला है। बैठक में मुख्यतः संगठनात्मक विषयों पर चर्चा होगी। यह बैठक कोई निर्णय लेने वाली बैठक नहीं है। प्रांतों में संगठन के कार्य की प्रगति व अनुभवों पर चर्चा होती है। कार्य विभागों के कार्य को लेकर भी चर्चा होती है। बैठक में पूजनीय सरसंघचालक, माननीय सरकार्यवाह की उपस्थिति रहती है। उनका मार्गदर्शन सभी कार्यकर्ताओं को प्राप्त होता है। बैठक में सभी सह सरकार्यवाह, कार्य विभाग प्रमुख और संघ प्रेरित 32 विविध संगठनों के अखिल भारतीय संगठन मंत्री उपस्थित रहेंगे।

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आपातकाल – (25 जून, 1975 – 21 मार्च, 1977)

आपातकाल के कुछ तथ्य 

  • कांग्रेस ने 20 जून, 1975 के दिन एक विशाल रैली का आयोजन किया तथा इस रैली में देवकांत बरुआ ने कहा था, “इंदिरा तेरी सुबह की जय, तेरी शाम की जय, तेरे काम की जय, तेरे नाम की जय” और इसी जनसभा में अपने भाषण के दौरान इंदिरा गांधी ने घोषणा की कि वे प्रधानमंत्री पद से त्यागपत्र नहीं देंगी।

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योग दिवस – 21 जून

योग का इतिहास अत्यंत प्राचीन और गौरवशाली है। इसका उल्लेख रामायण और महाभारत के कालखंड से लेकर भगवान शिवजी, भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंगों में मिलता है। ऋग्वेद में ऋषियों द्वारा ध्यान, तप और आत्मा की खोज का उल्लेख मिलता है, जो योग की प्रारंभिक चेतना को दर्शाता है। उपनिषदों में यह चेतना और विकसित होकर ‘प्रणव साधना’, ‘ध्यान योग’ और ‘ब्रह्मविद्या’ के रूप में दर्शन की परिपक्व अवस्था में पहुँचती है।

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संघ की स्थापना समाज के सामने आदर्श प्रस्तुत करने के लिए हुई : जे. नंद कुमार

राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ, पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र का कार्यकर्ता विकास वर्ग प्रथम (सामान्य) का समापन कार्यक्रम दीनदयाल उपाध्याय सनातन धर्म विद्यालय, कानपुर में संपन्न हुआ। इस अवसर पर मंच पर मुख्य अतिथि पद्मश्री उमा शंकर पाण्डेय जी, मुख्य वक्ता प्रज्ञा प्रवाह के अखिल भारतीय संयोजक श्री जे. नंद कुमार जी के साथ ही कानपुर विभाग के विभाग संघचालक डॉ. श्याम बाबू जी व वर्ग के सर्वाधिकारी श्री भुवनेश्वर वर्मा जी उपस्थित रहे।

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डॉक्टर जी ने जब संघ शुरू किया, तब साधन नहीं थे, साधन रत हृदय था : मिथिलेश नारायण

राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ, कानपुर प्रांत का संघ शिक्षा वर्ग (सामान्य) का समापन कार्यक्रम आज सीएचएस गुरुकुलम, मेहरबान सिंह का पुरवा में आयोजित हुआ। इस अवसर पर मंच पर मुख्य अतिथि बाबा नामदेव जी गुरूद्वारा, किदवई नगर, कानपुर के प्रधान सेवक श्री सरदार नीतू सिंह जी, मुख्य वक्ता आरएसएस के क्षेत्र बौद्धिक शिक्षण प्रमुख, पूर्वी उत्तर प्रदेश श्री मिथिलेश नारायण जी, कानपुर दक्षिण के भाग संघचालक श्री राधेश्याम जी व संघ शिक्षा वर्ग (सामान्य) के सर्वाधिकारी श्री रामलखन जी उपस्थित रहे।

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