कानपुर. तात्याटोपे नगर के दमगड़ा स्थित श्री राम औतार स्मारक इंटर कॉलेज में आयोजित ‘विराट हिन्दू सम्मेलन’ में वैचारिक विमर्श का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित RSS के पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र प्रचारक प्रमुख राजेन्द्र जी ने समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी दृष्टि साझा की।

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद पर जोर
मुख्य वक्ता राजेन्द्र जी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत मूलतः एक सांस्कृतिक हिन्दू राष्ट्र है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की पावन भूमि पर जन्म लेने वाला प्रत्येक व्यक्ति सांस्कृतिक रूप से हिन्दू है, चाहे उसकी उपासना या पूजन पद्धति अलग-अलग क्यों न हो। उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज का उदाहरण देते हुए कहा कि मुगलों को परास्त कर ‘हिन्दवी स्वराज्य’ की स्थापना करना गौरव का विषय है और हमें अपने महापुरुषों से प्रेरणा लेनी चाहिए।
संघ शताब्दी वर्ष: ‘पंच परिवर्तन’ का आह्वान
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के आगामी शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में उन्होंने समाज के लिए पाँच मुख्य परिवर्तनों (पंच परिवर्तन) पर जोर दिया:
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कुटुम्ब प्रबोधन: परिवारों को टूटने से बचाना और पारिवारिक मूल्यों को जीवित रखना।
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सामाजिक समरसता: समाज में समानता और भाईचारे का भाव जगाना।
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स्वदेशी: भारतीय उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देकर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देना।
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नागरिक कर्तव्य: एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करना।
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पर्यावरण संरक्षण: अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना ताकि भविष्य की पीढ़ी स्वस्थ रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत ‘भारत माता’ के चित्र पर पुष्पार्चन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। अंत में सभी गणमान्य नागरिकों ने सामूहिक रूप से भारत माता की आरती की।
सम्मेलन की अध्यक्षता शिक्षाविद राजपाल यादव जी ने की। मुख्य अतिथि के रूप में संजू सिंह जी उपस्थित रहे। समारोह का संचालन धीरेन्द्र सचान जी ने किया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से सह नगर कार्यवाह कुन्दन सिंह जी, विस्तारक अनन्त जी और समाजसेवी मोहर यादव जी आदि उपस्थित रहे।

