चित्रकूट, 3 मई 2026 – धर्मनगरी चित्रकूट के बेड़ीपुलिया स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में आज देवर्षि नारद जयंती का पर्व ‘पत्रकार सम्मान दिवस’ के रूप में धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान न केवल पत्रकारों की सामाजिक भूमिका पर चर्चा हुई, बल्कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के महत्वपूर्ण ‘पंच परिवर्तन’ अभियान पर भी प्रकाश डाला गया।
दिन: 3 मई 2026
सशक्त और समरस राष्ट्र निर्माण ही संघ का मुख्य लक्ष्य: नरेंद्र ठाकुर
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, कानपुर प्रान्त द्वारा बेनाझाबर, कानपुर में मीडिया संवाद का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख श्रीमान नरेन्द्र ठाकुर जी ने कहा कि संघ शताब्दी वर्ष में विविध प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। यह क्रम विजयादशमी 2025 से प्रारंभ हुआ था। इसके बाद पथसंचलन, व्यापक गृह संपर्क व हिन्दू सम्मेलन पूरे देश में हुए। आप सभी पत्रकारों में से कुछ समाचार लिखने वाले और कुछ इन विषयों पर सामग्री निर्माण करने वाले होंगे। इसलिए आपको संघ के बारे में जानकारी होना आवश्यक है।
पढ़ना जारी रखें “सशक्त और समरस राष्ट्र निर्माण ही संघ का मुख्य लक्ष्य: नरेंद्र ठाकुर”
संगठित हिन्दू, समर्थ भारत ही राष्ट्र की उन्नति का मूलमंत्र: रामकेश जी
उरई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के तत्वावधान में जनपद के उरई नगर (दयानंद बस्ती) द्वारा आयोजित ‘हिन्दू सम्मेलन’ धूमधाम से संपन्न हुआ। राठ रोड स्थित स्वयंवर गेस्ट हाउस में आयोजित इस सम्मेलन में सकल हिन्दू समाज ने अपनी सहभागिता दर्ज की। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित कानपुर प्रांत के कार्यवाह रामकेश जी ने समाज को एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
पढ़ना जारी रखें “संगठित हिन्दू, समर्थ भारत ही राष्ट्र की उन्नति का मूलमंत्र: रामकेश जी”
धर्म का अर्थ पूजा-पद्धति नहीं; धर्म सबको साथ लेकर चलता है, सबका उत्थान करता है – डॉ. मोहन भागवत जी
हिन्दू पहचान हम सबको जोड़ती है; हिन्दू धार्मिक पहचान से बढ़कर, स्वभाव और प्रकृति है
भोपाल। संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त भोपाल में आयोजित ‘प्रमुख जन गोष्ठी’ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि हमारे मत-पंथ, सम्प्रदाय, भाषा, जाति अलग हो सकती है। लेकिन हिन्दू पहचान हम सबको जोड़ती है। हम सबकी एक संस्कृति और धर्म है। हम सबके पूर्वज समान हैं।
जहां नारी का सम्मान और स्थान सुरक्षित होता है, वहां समाज स्वतः ही स्वस्थ रहता है – डॉ. मोहन भागवत जी
हमारा धर्म व संस्कृति मातृशक्ति के कारण ही सुरक्षित है, भोपाल में ‘मातृशक्ति संवाद’ में बोले सरसंघचालक जी
भोपाल। ‘मातृशक्ति संवाद’ कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि जब हम सभ्य समाज की बात करते हैं तो उसमें महिलाओं की भूमिका स्वतः ही केंद्रीय हो जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमारा धर्म, हमारी संस्कृति और हमारी सामाजिक व्यवस्था महिलाओं के कारण ही सुरक्षित है। अब वह समय चला गया, जब महिलाओं को केवल सुरक्षा की दृष्टि से घर तक सीमित रखा जाता था। आज परिवार और समाज दोनों को स्त्री और पुरुष मिलकर आगे बढ़ाते हैं, इसलिए दोनों का प्रबोधन आवश्यक है।
सामाजिक सद्भाव नई अवधारणा नहीं, भारतीय समाज का स्वभाव रहा है – डॉ. मोहन भागवत जी
राष्ट्र निर्माण के लिए सभी एकजुट होकर कार्य करें – पंडित प्रदीप मिश्रा जी
भोपाल, 03 जनवरी 2026।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित सामाजिक सद्भाव बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि सामाजिक सद्भाव कोई नई अवधारणा नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज का स्वभाव रहा है। समाज में सज्जन शक्ति का जागरण, आचरण में पंच परिवर्तन और निरंतर सद्भावना संवाद आज की अनिवार्य आवश्यकता है। यह बैठक दो सत्रों में आयोजित की गई। प्रथम सत्र का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं भारत माता के चित्र पर पुष्पार्चन के साथ हुआ। मंच पर सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी, प्रख्यात कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा जी तथा मध्यभारत प्रांत संघचालक अशोक पांडेय जी उपस्थित रहे। मध्यभारत प्रान्त के 16 शासकीय जिलों के समाज के विभिन्न वर्गों और संगठनों के प्रतिनिधियों की सहभागिता बैठक में रही।
पढ़ना जारी रखें “सामाजिक सद्भाव नई अवधारणा नहीं, भारतीय समाज का स्वभाव रहा है – डॉ. मोहन भागवत जी”
