कानपुर, 11 जनवरी 2026 बर्रा-5 स्थित श्रीराम आश्रम में रविवार को आयोजित ‘विराट हिन्दू सम्मेलन’ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रांत संघचालक माननीय भवानी भीख जी ने भाग लिया। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को संगठित करना ही संघ का मुख्य लक्ष्य है और आज जो हिंदुओं में एकजुटता दिख रही है, वह संघ के प्रयासों का ही परिणाम है।
डॉ. हेडगेवार की दूरदर्शिता और शाखा का महत्व
प्रांत संघचालक जी ने संघ संस्थापक डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार को ‘अवतारी पुरुष’ बताते हुए कहा कि उन्होंने एक ऐसी अनूठी कार्य पद्धति विकसित की, जिससे निरंतर समर्पित कार्यकर्ताओं का निर्माण होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रतिदिन लगने वाली संघ की शाखा ही वह स्थान है जहाँ राष्ट्रभक्त तैयार होते हैं। उन्होंने ‘विश्व बंधुत्व’ और ‘सामाजिक समरसता’ पर बल देते हुए कहा कि संत और महापुरुष किसी जाति विशेष के नहीं, बल्कि संपूर्ण समाज की धरोहर होते हैं।

आत्मरक्षा के लिए पारंपरिक शस्त्रों की आवश्यकता
सम्मेलन के मुख्य अतिथि, पनकी धाम के मंडलेश्वर जितेंद्र दास जी महाराज ने हिंदुओं के पलायन पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि देश के 9 राज्यों में हिंदू अल्पसंख्यक हो गए हैं, जो एक गंभीर विषय है। हिंदू सशक्त होगा, तभी राष्ट्र की रक्षा संभव है। र्वजों की परंपरा को याद दिलाते हुए उन्होंने सुझाव दिया कि हर घर में हँसिया, खुरपी, कुदाल और कटार जैसे कृषि व रक्षा चिन्ह होने चाहिए, जो आत्मरक्षा के लिए अनिवार्य हैं।
संयुक्त परिवार और संस्कार
विशिष्ट अतिथि लेफ्टिनेंट शैलजा रावत जी ने आधुनिक युग में ‘संयुक्त परिवार’ की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मजबूत पारिवारिक ढांचा ही समाज और राष्ट्र की नींव को सुदृढ़ करता है।
इसके पूर्व दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। पुत्तू लाल जी ने ओजपूर्ण एकल गीत प्रस्तुत किया। नगर कार्यवाह मुनीश शुक्ला जी द्वारा कार्यक्रम का कुशल संचालन किया गया। राम सकल तिवारी जी ने सभी अतिथियों का धन्यवाद किया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक ‘भारत माता की आरती’ के साथ हुआ।
इस अवसर पर नगर सह संघचालक देवेंद्र सचान जी, आयोजन समिति के संयोजक सर्वेश त्रिपाठी जी, प्रचारक यश जी, भाग कार्यवाह सुशील कटियार जी, रजत शर्मा जी, दीपेंद्र जी, सुरेश तिवारी जी, योगेंद्र सचान जी सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

