– विराट हिंदू सम्मेलन में गूंजा सनातन उत्थान का उद्घोष
जिला कन्नौज के तिर्वा में अंबेडकर बस्ती में दिनांक 25 जनवरी 2026, रविवार को भव्य एवं प्रेरणादायी विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन अत्यंत उत्साह और गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री प्रेमचंद्र यादव जी ने की, जबकि मुख्य अतिथि एवं वक्ता के रूप में श्री राजकुमार मटाले जी, अखिल भारतीय सह सेवा प्रमुख, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि महिला वक्ता के रूप में श्रीमती दीपिका जी (प्रधानाचार्य, जीजीआईसी) एवं बहिन किरण जी (ब्रह्मा कुमारी) ने सहभागिता की। श्रीमती दीपिका जी ने अपने सारगर्भित उद्बोधन में संघ के पंच परिवर्तन विषय पर प्रकाश डालते हुए समाज को जागरूक किया और सकारात्मक सामाजिक बदलाव का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि श्री राजकुमार मटाले जी ने अपने ओजस्वी एवं विचारोत्तेजक भाषण में हिंदू धर्म के गौरवशाली इतिहास, उसकी सांस्कृतिक महत्ता एवं सनातन परंपरा की प्रभावी व्याख्या की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “सनातन उत्थान ही हिंदू समाज का उत्थान है”, जिससे उपस्थित जनसमूह भावविभोर हो उठा।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण नगर/ शाखाओ से निकले स्वयंसेवको द्वारा नटक प्रस्तुत ‘भारत दर्शन’ रहा, जिसमें प्राचीन भारत के गौरवपूर्ण इतिहास को सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया। इसके उपरांत मोबाइल के दुरुपयोग पर आधारित नाट्य प्रस्तुति एवं कई संस्कृति नटय जो सोचने पर विवश कर दिया और सभी का मन मोह लिया।

इस अवसर पर विभाग प्रचारक श्री राहुल जी, सह जिला प्रचारक श्री धनंजय जी, सह जिला कार्यवाह श्री शशिकांत जी, योगेश जी (नगर/खंड प्रचारक), श्री नीरज जिला शारीरिक शिक्षण प्रमुख,, सह विभाग कार्यवाह श्री छत्रवीर जी, विभाग व्यवस्था प्रमुख श्री राजेश गुप्त जी, विभाग प्रचार प्रमुख श्री कौशलेंद्र जी, सह जिला संघचालक श्री विजय चतुर्वेदी जी, प्रांत सेवा प्रमुख श्री अमीर सिंह जी, धर्मेंद्र जी (प्रांत संयोजक, हिंदू जागरण मंच), विजय जी सह संघचालक,नगर नगर कार्यवाह श्री अनिल मिश्रा जी, श्री वीरेश जी, प्रसून जी (सह खंड कार्यवाह), शिवप्रताप जी, विनीत जी एवं अनंतराम जी, राजन जी, राजेद् जी ,करन जी सहित अनेक गणमान्य कार्यकर्ता एवं समाज के प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन भारत माता की आरती एवम राष्ट्र और सनातन संस्कृति के उत्थान के संकल्प के साथ हुआ। हिंदू सम्मेलन समाज में संस्कृति, संस्कार और संगठन की भावना को और अधिक सुदृढ़ करने का कार्य किया।
