संगठित हिन्दू, समर्थ भारत ही राष्ट्र की उन्नति का मूलमंत्र: रामकेश जी

उरई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के तत्वावधान में जनपद के उरई नगर (दयानंद बस्ती) द्वारा आयोजित ‘हिन्दू सम्मेलन’ धूमधाम से संपन्न हुआ। राठ रोड स्थित स्वयंवर गेस्ट हाउस में आयोजित इस सम्मेलन में सकल हिन्दू समाज ने अपनी सहभागिता दर्ज की। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित कानपुर प्रांत के कार्यवाह रामकेश जी ने समाज को एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

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सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक समरसता का शंखनाद: भिटारा में संपन्न हुआ ‘विराट हिन्दू सम्मेलन’

जालौन (उरई): “जब-जब हिन्दू घटा है, तब-तब हिन्दू कटा है।” यह आह्वान जालौन के भिटारा गाँव में गूँजा, जहाँ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में ‘विराट हिन्दू सम्मेलन’ का भव्य आयोजन किया गया। यह सम्मेलन केवल एक आयोजन मात्र नहीं, बल्कि सुप्त पड़ी सांस्कृतिक चेतना को पुनः जागृत करने और समाज को एकता के सूत्र में पिरोने का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा।

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देशहित किसी का एकाधिकार नहीं, हम सबका सामूहिक उत्तरदायित्व है – डॉ. मोहन भागवत जी

राजकोट। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने आज संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त राजकोट में आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी में सौराष्ट्र-कच्छ के प्रबुद्ध नागरिकों के साथ संवाद किया। सेवा भारती भवन में आयोजित गोष्ठी में सरसंघचालक जी ने कहा कि देशहित पर किसी का एकाधिकार (monopoly) नहीं हो सकता। यह हम सबका सामूहिक उत्तरदायित्व है और संघ ऐसे कार्य करने वाले सभी लोगों के साथ खड़ा है।

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धर्म हमें करणीय व अकरणीय का ज्ञान देता है – डॉ. मोहन भागवत जी

ग्रंथ, शास्त्र और संतों की वाणी हमारी समझ और सामर्थ्य को बढ़ाते हैं – आचार्य महाश्रमण जी

नागौर।

जिले के छोटी खाटू कस्बे में 162वें मर्यादा महोत्सव के अवसर पर विशाल व भव्य कार्यक्रम संपन्न हुआ। आचार्य महाश्रमण के पावन सान्निध्य में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।

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व्यवसाय के साथ राष्ट्र धर्म, समाज धर्म का भी पालन हो – दत्तात्रेय होसबाले जी

काशी, 24 जनवरी। संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त आयोजित युवा व्यवसायी सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने कहा कि भारतीय उद्योगों में तकनीकी के साथ रोजगार सृजन भी आवश्यक है, हर हाथ को काम मिलना चाहिए। वर्तमान परिवेश में सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय का ध्यान रखना आवश्यक है। व्यवसाय को सुदृढ़ करने हेतु गांव से पलायन अनिवार्य नहीं है। व्यवसाय के साथ राष्ट्र धर्म, समाज धर्म का भी पालन हो।

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गुणों का सागर थे अशोकराव मोडक – दत्तात्रेस होसबाले जी

मुंबई। प्राचार्य बी. एन. वैद्य सभागार, दादर पूर्व में तत्वचिंतक और संगठक, अभाविप के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा पूर्व विधायक श्रद्धेय स्व. डॉ. अशोकराव मोडक की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने कहा कि “प्राध्यापकों का आदर्श व्यक्तित्व कैसा होना चाहिए, इसका जीवंत उदाहरण अशोकराव मोडक हैं। वे एक प्रकार से गुणों का सागर थे। संघ का विषय हो या हिन्दुत्व का विषय, उनका सभी में गहन अध्ययन था। अशोकराव विनम्रता के प्रतिमूर्ति थे”।

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सजग होकर राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना समाज के प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य – दत्तात्रेय होसबाले जी

काशी, 24 जनवरी। संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त काशी हिन्दू विश्वविद्यालय परिसर के स्वतंत्रता भवन में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने कहा कि ईश्वर की कृपा एवं अपने प्रयत्न से युवा राष्ट्र का पुनर्निर्माण करेंगे। किसान सारे प्रयत्न करता है, पर ईश्वर ने यदि वर्षा और धूप नहीं दी तो कोई लाभ नहीं होता। इसी प्रकार ईश्वर द्वारा प्रदत्त वर्षा और धूप होने के बाद भी यदि किसान प्रयत्न न करे तो अन्न नहीं पैदा हो सकता।

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समाज यदि परिवार भावना से एकजुट होकर कार्य करे, तो राष्ट्र समर्थ बनेगा – दत्तात्रेय होसबाले जी

जबलपुर, 23 जनवरी।

संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त जबलपुर की सुहागी बस्ती में आयोजित विराट हिन्दू सम्मेलन में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने कहा कि सम्पूर्ण देश का हिन्दू समाज यदि एक परिवार की भावना से एकजुट होकर कार्य करे, तभी राष्ट्र समर्थ बनेगा। हिन्दू संस्कृति सृष्टि की प्रत्येक वस्तु में ईश्वर का दर्शन करती है और कन्या, ज्ञान व समृद्धि की पूजा करती है। ऐसी संस्कृति में भी यदि महिलाओं एवं कन्याओं की सुरक्षा के लिए कानून बनाने की आवश्यकता पड़ती है, तो समाज को आत्ममंथन कर सुधार की दिशा में आगे बढ़ना होगा।

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आदिवासी समाज और हिन्दू समाज अलग नहीं – डॉ. मोहन भागवत जी

रांची, 24 जनवरी। रांची के डीबडीह में जनजातीय संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में झारखंड के विभिन्न जिलों से आए जनजातीय समाज के प्रतिनिधि, बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया।

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निःस्वार्थ बुद्धि और ईमानदारी से देशहित में किया जाने वाला प्रत्येक कार्य संघ का ही कार्य है – डॉ. मोहन भागवत जी

राजकोट, 19 जनवरी।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने आज राजकोट के सेवा भारती भवन में सौराष्ट्र-कच्छ की युवा प्रतिभाओं के साथ संवाद किया। सरसंघचालक जी ने कहा कि “जब युवा विभिन्न क्षेत्रों में देश के लिए कार्य करते हैं, तब उनके मन में ‘देश क्या है’ इसकी स्पष्ट कल्पना होनी चाहिए। अतीत में इस स्पष्ट विचार के अभाव या इसके धुंधला पड़ने के कारण ही देश गुलाम बना था। हमारा देश चैतन्यमय है, हम इसे भारत माता कहते हैं; यह केवल भूमि का एक टुकड़ा नहीं है। इसका विभाजन नहीं हो सकता, यह भावना से जुड़ा है”।

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