विदेश जाकर ज्ञान प्राप्ति करें, लेकिन उसका उपयोग भारत के लिए करें – डॉ. मोहन भागवत जी

छत्रपति संभाजीनगर, 16 जनवरी।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी छत्रपति संभाजीनगर के दो दिन के प्रवास पर हैं। उन्होंने संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त आयोजित ‘युवा सम्मेलन’ में युवाओं से संवाद किया। सरसंघचालक जी ने कहा कि “भारत के विकास में युवाओं का योगदान ज़रूरी है। ज्ञान पाने के लिए विदेश जाने में कुछ गलत नहीं है, लेकिन उस ज्ञान का इस्तेमाल भारत के लिए किया जाना चाहिए। हमारे देश का भविष्य बनाने में युवाओं की ज़िम्मेदारी ज़रूरी है। आज का युवा देशभक्त है। युवाओं में देशभक्ति जितनी ज़्यादा होगी, वे देश के लिए उतना ही ज़्यादा काम करेंगे”। कई लोगों ने देश के फ़ायदे के लिए अपने ज्ञान और कुशलता का इस्तेमाल करने के लिए संघ के साथ काम किया है। संघ किसी से स्पर्धा नहीं करता, और किसी का विरोध भी नहीं करता। संघ बलशाली समाज निर्माण करना चाहता है। युवाओं से इस कार्य में अपना योगदान देने का आह्वान किया।

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संघ भारतीय महापुरुषों के विचारों और अनुभूतियों के सार को व्यवहार में उतारने की प्रक्रिया है – डॉ. मोहन भागवत जी

सिलीगुड़ी, 18 दिसंबर 2025। संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त सिलीगुड़ी में युवा सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें उत्तर बंगाल के आठ जिलों से बड़ी संख्या में युवक-युवतियों के साथ-साथ पड़ोसी राज्य सिक्किम से भी युवा सम्मेलन में शामिल हुए।

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