संगठित हिन्दू, समर्थ भारत ही राष्ट्र की उन्नति का मूलमंत्र: रामकेश जी

उरई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के तत्वावधान में जनपद के उरई नगर (दयानंद बस्ती) द्वारा आयोजित ‘हिन्दू सम्मेलन’ धूमधाम से संपन्न हुआ। राठ रोड स्थित स्वयंवर गेस्ट हाउस में आयोजित इस सम्मेलन में सकल हिन्दू समाज ने अपनी सहभागिता दर्ज की। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित कानपुर प्रांत के कार्यवाह रामकेश जी ने समाज को एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

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वो जात-पात से तोड़ेंगे, हम समता-ममता से जोड़ेंगे: श्रीराम जी

कानपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रान्त प्रचारक श्रीराम जी ने समाज को एकजुट करने का आह्वान करते हुए कहा कि भारत दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जिसे ‘माँ’ का दर्जा प्राप्त है। उन्होंने जोर दिया कि हिन्दू समाज की शक्ति उसकी एकता में निहित है और जब-जब यह शक्ति कम हुई है, देश को नुकसान उठाना पड़ा है। आनन्दपुरी पार्क में आयोजित विशाल हिन्दू सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्रीराम जी ने सामाजिक समरसता और वर्तमान चुनौतियों पर विस्तार से अपने विचार रखे।

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सनातन गिरेगा तो हिंदू गिरेगा, सनातन उत्थान ही हिंदू का उत्थान है” — राजकुमार मटाले जी

 

– विराट हिंदू सम्मेलन में गूंजा सनातन उत्थान का उद्घोष

जिला कन्नौज के तिर्वा में अंबेडकर बस्ती में दिनांक 25 जनवरी 2026, रविवार को भव्य एवं प्रेरणादायी विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन अत्यंत उत्साह और गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री प्रेमचंद्र यादव जी ने की, जबकि मुख्य अतिथि एवं वक्ता के रूप में श्री राजकुमार मटाले जी, अखिल भारतीय सह सेवा प्रमुख, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उपस्थित रहे।

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सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक समरसता का शंखनाद: भिटारा में संपन्न हुआ ‘विराट हिन्दू सम्मेलन’

जालौन (उरई): “जब-जब हिन्दू घटा है, तब-तब हिन्दू कटा है।” यह आह्वान जालौन के भिटारा गाँव में गूँजा, जहाँ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में ‘विराट हिन्दू सम्मेलन’ का भव्य आयोजन किया गया। यह सम्मेलन केवल एक आयोजन मात्र नहीं, बल्कि सुप्त पड़ी सांस्कृतिक चेतना को पुनः जागृत करने और समाज को एकता के सूत्र में पिरोने का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा।

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हिन्दू समाज की एकता और समरसता से ही भारत बनेगा वैभवशाली: भवानी भीख जी

एकता और समरसता के संकल्प के साथ जोल्हूपुर में ‘विराट हिन्दू सम्मेलन’ संपन्न

जोल्हूपुर, कालपी (उरई)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के स्थापना के सौ वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी अभियान के अंतर्गत, कदौरा खण्ड के उसरगांव मण्डल स्थित ग्राम जोल्हूपुर में ‘विराट हिन्दू सम्मेलन’ का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में वक्ताओं ने हिंदू समाज की एकजुटता, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण में नागरिक कर्तव्यों पर विशेष बल दिया।

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RSS के 100 वर्ष: कानपुर और महोबा में विराट हिंदू सम्मेलन, सामाजिक समरसता पर दिया जोर

कानपुर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में चल रही कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में ‘विराट हिंदू सम्मेलनों’ का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में कानपुर के नयागंज और महोबा के खन्ना क्षेत्र में भव्य कार्यक्रम संपन्न हुए, जिनमें हजारों की संख्या में स्वयंसेवकों और आम नागरिकों ने सहभागिता की। इन सम्मेलनों के माध्यम से समाज को जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर ‘परम वैभवशाली भारत’ के निर्माण हेतु एकजुट होने का संदेश दिया गया।

कानपुर: नयागंज में गूंजा सामाजिक समरसता का मंत्र

21 जनवरी 2026 को कानपुर के नयागंज स्थित नागेश्वर बस्ती-श्रद्धानन्द नगर में हिन्दू सम्मेलन आयोजन समिति द्वारा एक गरिमामयी सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित RSS के क्षेत्र प्रचारक श्रीमान अनिल जी ने कहा कि संघ के 100 वर्षों का इतिहास राष्ट्र के प्रति समर्पण और अटूट अनुशासन का रहा है। उन्होंने राष्ट्र निर्माण में स्वयंसेवकों की भूमिका और सामाजिक एकीकरण पर विस्तार से प्रकाश डाला।

इस अवसर पर जगद्गुरु कृपालु जी महाराज की शिष्या साध्वी डॉ. कुंजेश्वरी देवी जी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना को हिंदू समाज की शक्ति बताया। आयोजन की खास बात ‘समरसता’ का व्यावहारिक स्वरूप रही, जहाँ सफाई नायक राजकुमार दिल्लीवाल को उनके उल्लेखनीय सेवा कार्यों के लिए मंच पर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संयोजन घनश्याम जी और संचालन सोम गुप्ता ने किया।

महोबा: “जाति-पाति की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई”

महोबा के खन्ना थाना अंतर्गत ग्योडी गांव में आयोजित सम्मेलन में प्रांत प्रचारक श्री रामजी भाईसाहब का ओजस्वी मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। उन्होंने अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते सम्मान को हिंदू एकता का प्रत्यक्ष परिणाम बताया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “जब-जब हिंदू घटा है, तब-तब हिंदू कटा है, इसलिए हमें आंतरिक भेदभाव भूलकर एक होना होगा।”

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में साध्वी सर्वसिद्धा गिरी और पुरुषोत्तम महाराज उपस्थित रहे। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री के रूप में आज भारत को वैश्विक पटल पर जो सम्मान मिल रहा है, वह वास्तव में भारत की 140 करोड़ जनता और संगठित हिंदू समाज की शक्ति का सम्मान है।

अनुशासित और भव्य आयोजन

दोनों ही स्थानों पर आयोजनों की सबसे बड़ी विशेषता उनका अनुशासन रही। कानपुर में प्रशासन और पुलिस विभाग के सहयोग से यातायात और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। सम्मेलनों में समाज के हर वर्ग, महिलाओं और युवाओं की भारी उपस्थिति यह दर्शाती है कि संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने पर समाज में एक नई वैचारिक चेतना का संचार हो रहा है।

प्रमुख उपस्थिति:

कानपुर में कार्यक्रम के संयोजक घनश्याम जी रहे तथा संचालन सोम गुप्ता जी ने किया। मुख्य रूप से नागेश्वर बस्ती प्रमुख शशिकांत गुप्ता जी, शिवभगवान गोस्वामी जी, शशिकुमार गुप्ता जी, अरुण तिवारी जी, प्रवीण शुक्ला जी, विनीत चौधरी जी, सुरेन्द्र गुप्ता जी, वरुण गुप्ता जी आदि उपस्थित रहें।

वहीं महोबा में जिला प्रचारक सौरभ जी, जिला शारीरिक शिक्षण प्रमुख रोहित राज जी, जिला कार्यवाह प्रमोद जी, खंड कार्यवाह अंकित जी, खंड व्यवस्था प्रमुख रूपेन्द्र सिंह जी आदि उपस्थित रहें।

निःस्वार्थ बुद्धि और ईमानदारी से देशहित में किया जाने वाला प्रत्येक कार्य संघ का ही कार्य है – डॉ. मोहन भागवत जी

राजकोट, 19 जनवरी।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने आज राजकोट के सेवा भारती भवन में सौराष्ट्र-कच्छ की युवा प्रतिभाओं के साथ संवाद किया। सरसंघचालक जी ने कहा कि “जब युवा विभिन्न क्षेत्रों में देश के लिए कार्य करते हैं, तब उनके मन में ‘देश क्या है’ इसकी स्पष्ट कल्पना होनी चाहिए। अतीत में इस स्पष्ट विचार के अभाव या इसके धुंधला पड़ने के कारण ही देश गुलाम बना था। हमारा देश चैतन्यमय है, हम इसे भारत माता कहते हैं; यह केवल भूमि का एक टुकड़ा नहीं है। इसका विभाजन नहीं हो सकता, यह भावना से जुड़ा है”।

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‘जाति’ भेद को व्यवहार से हटाने के पहले लिए मन से निकालना होगा – डॉ. मोहन भागवत जी

प्रमुख जन संगोष्ठी में सरसंघचालक जी का प्रबुद्ध नागरिकों से संवाद

छत्रपति संभाजीनगर, 17 जनवरी 2026।

संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित प्रमुखजन गोष्ठी में उपस्थित प्रबुद्ध नागरिकों ने अपनी जिज्ञासाएँ लिखित रूप में प्रस्तुत कीं, जिनका समाधान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने विस्तारपूर्वक किया। इस अवसर पर मंच पर प्रांत संघचालक अनिल भालेराव जी उपस्थित रहे।

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संघ किसी व्यक्ति या सत्ता के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र और समाज के लिए कार्य करता है – दत्तात्रेय होसबाले जी

समाज में किसी भी प्रकार का भेदभाव राष्ट्र की एकता के लिए घातक है

दरभंगा, 17 जनवरी 2026।

संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में प्रमुखजन संगोष्ठी का आयोजन आज डीएमसीएच ऑडिटोरियम, दरभंगा में किया गया। इस अवसर पर सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रबुद्धजनों, समाजसेवियों, शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों एवं बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों की सहभागिता रही।

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विदेश जाकर ज्ञान प्राप्ति करें, लेकिन उसका उपयोग भारत के लिए करें – डॉ. मोहन भागवत जी

छत्रपति संभाजीनगर, 16 जनवरी।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी छत्रपति संभाजीनगर के दो दिन के प्रवास पर हैं। उन्होंने संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त आयोजित ‘युवा सम्मेलन’ में युवाओं से संवाद किया। सरसंघचालक जी ने कहा कि “भारत के विकास में युवाओं का योगदान ज़रूरी है। ज्ञान पाने के लिए विदेश जाने में कुछ गलत नहीं है, लेकिन उस ज्ञान का इस्तेमाल भारत के लिए किया जाना चाहिए। हमारे देश का भविष्य बनाने में युवाओं की ज़िम्मेदारी ज़रूरी है। आज का युवा देशभक्त है। युवाओं में देशभक्ति जितनी ज़्यादा होगी, वे देश के लिए उतना ही ज़्यादा काम करेंगे”। कई लोगों ने देश के फ़ायदे के लिए अपने ज्ञान और कुशलता का इस्तेमाल करने के लिए संघ के साथ काम किया है। संघ किसी से स्पर्धा नहीं करता, और किसी का विरोध भी नहीं करता। संघ बलशाली समाज निर्माण करना चाहता है। युवाओं से इस कार्य में अपना योगदान देने का आह्वान किया।

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