सामाजिक सद्भाव नई अवधारणा नहीं, भारतीय समाज का स्वभाव रहा है – डॉ. मोहन भागवत जी

राष्ट्र निर्माण के लिए सभी एकजुट होकर कार्य करें – पंडित प्रदीप मिश्रा जी

भोपाल, 03 जनवरी 2026।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित सामाजिक सद्भाव बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि सामाजिक सद्भाव कोई नई अवधारणा नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज का स्वभाव रहा है। समाज में सज्जन शक्ति का जागरण, आचरण में पंच परिवर्तन और निरंतर सद्भावना संवाद आज की अनिवार्य आवश्यकता है। यह बैठक दो सत्रों में आयोजित की गई। प्रथम सत्र का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं भारत माता के चित्र पर पुष्पार्चन के साथ हुआ। मंच पर सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी, प्रख्यात कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा जी तथा मध्यभारत प्रांत संघचालक अशोक पांडेय जी उपस्थित रहे। मध्यभारत प्रान्त के 16 शासकीय जिलों के समाज के विभिन्न वर्गों और संगठनों के प्रतिनिधियों की सहभागिता बैठक में रही।

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वंचित को सशक्त करना हो समाज का उद्देश्य – डॉ. मोहन भागवत जी

सामाजिक सद्भाव से अनेक चुनौतियों का समाधान संभव; संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त सद्भाव बैठक का आयोजन

रायपुर, 01 जनवरी 2026। संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त आज स्थानीय श्री राम मंदिर में सामाजिक सद्भाव बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में विभिन्न जाति, समाज, पंथ के पाँच सौ से अधिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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