निःस्वार्थ बुद्धि और ईमानदारी से देशहित में किया जाने वाला प्रत्येक कार्य संघ का ही कार्य है – डॉ. मोहन भागवत जी

राजकोट, 19 जनवरी।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने आज राजकोट के सेवा भारती भवन में सौराष्ट्र-कच्छ की युवा प्रतिभाओं के साथ संवाद किया। सरसंघचालक जी ने कहा कि “जब युवा विभिन्न क्षेत्रों में देश के लिए कार्य करते हैं, तब उनके मन में ‘देश क्या है’ इसकी स्पष्ट कल्पना होनी चाहिए। अतीत में इस स्पष्ट विचार के अभाव या इसके धुंधला पड़ने के कारण ही देश गुलाम बना था। हमारा देश चैतन्यमय है, हम इसे भारत माता कहते हैं; यह केवल भूमि का एक टुकड़ा नहीं है। इसका विभाजन नहीं हो सकता, यह भावना से जुड़ा है”।

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