झांसी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के पावन अवसर पर दीनदयाल नगर की अग्रसेन बस्ती में ‘विराट हिन्दू सम्मेलन’ का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में वक्ताओं ने सनातन संस्कृति की रक्षा, पारिवारिक मूल्यों के संरक्षण और सामाजिक एकजुटता पर विशेष बल दिया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्र प्रचार प्रमुख सुभाष जी ने हिंदुओं को परिभाषित करते हुए कहा, “जो हिंदुस्तान में जन्मा है, वह हिंदू है। हमें मिया-बीबी, हब्बी और बब्बी जैसी विदेशी संस्कृति के मोहजाल से बाहर निकलकर अपनी जड़ों की ओर लौटना होगा।” उन्होंने औरंगजेब की क्रूरता और गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान का स्मरण कराते हुए कहा कि धर्म की रक्षा के लिए हमारे पुरखों ने लाखों बलिदान दिए हैं। उन्होंने सामाजिक समरसता का संदेश देते हुए ‘समरसता भोज’ के स्थान पर ‘समानता भोज’ करने की अपील की ताकि समाज में कोई भेदभाव न रहे।

बेटियों से सहेली जैसा व्यवहार करें माताएं: पंडोखर सरकार
मुख्य अतिथि पंडोखर सरकार के पीठाधीश्वर गुरुशरण महाराज जी ने मातृशक्ति को संबोधित करते हुए एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा, “आज के समय में माताओं को अपनी बेटियों के साथ सहेली बनकर रहना चाहिए ताकि संवादहीनता के कारण वे लव जिहाद जैसी साजिशों का शिकार न हों।” उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे विज्ञान के साथ अध्यात्म को जोड़ें और प्रतिदिन रामचरितमानस व हनुमान चालीसा का पाठ करें। महाराज ने पुराने मंदिरों के जीर्णोद्धार और पहूज नदी (पुष्पावती गंगा) के संरक्षण पर भी जोर दिया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
सम्मेलन का शुभारंभ मां भारती के पूजन और दीप प्रज्वलन से हुआ। इस अवसर पर:
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सरस्वती बालिका विद्या मंदिर की बहनों ने देशभक्तिपूर्ण नुक्कड़ नाटक और नृत्य प्रस्तुत किया।
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कमल सिंह चौहान बालिका विद्या मंदिर की छात्राओं ने ‘वीरांगना लक्ष्मीबाई’ नाटक के माध्यम से शौर्य की गाथा जीवंत की।
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भजन गायिका प्रियम श्रीवास्तव ने “धर्म सनातन उत्तम है…” जैसे भजनों से पूरे पंडाल को भक्तिमय कर दिया।
पर्यावरण और स्वदेशी का संकल्प
सम्मेलन में ‘स्व’ के छह आयामों पर चर्चा की गई, जिसमें स्वदेशी भाषा, वेशभूषा, खान-पान और पर्यावरण सुरक्षा को अनिवार्य बताया गया। वक्ताओं ने जल संरक्षण और वृक्षारोपण को राष्ट्र सेवा का हिस्सा बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आर्य कन्या महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अलका नायक जी ने की, जिन्होंने युवाओं को अपनी संस्कृति से जोड़ने की आवश्यकता पर चिंता व्यक्त की।
प्रमुख उपस्थिति
कार्यक्रम में विभाग संघचालक शिव कुमार भार्गव जी, विभाग कार्यवाह धर्मेन्द्र जी, महानगर प्रचारक सक्षम जी, नगर संघचालक महेश नगाइच जी सहित संघ के विभिन्न पदाधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में समिति अध्यक्ष प्रवीण शर्मा जी ने सभी का आभार व्यक्त किया।


