समाज की शक्ति प्रत्येक वर्ग के सकारात्मक आचरण और आपसी समन्वय से निर्मित होती है – दत्तात्रेय होसबाले जी

जमशेदपुर, 11 जनवरी 2026।

संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त जमशेदपुर प्रवास के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने तीन समूहों में आयोजित संगोष्ठियों/बैठकों में सहभागिता की। पहली सामाजिक सद्भाव बैठक में विभिन्न जाति-वर्गों के 375 से अधिक प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। संत महात्माओं के साथ आयोजित बैठक में 170 प्रतिनिधि उपस्थित रहे, इसी प्रकार विभिन्न आध्यात्मिक संगठनों के साथ आयोजित बैठक में 210 प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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बच्चों को सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभावों से बचाने के लिए उन्हें भारतीय संस्कृति से जोड़ना आवश्यक – दत्तात्रेय होसबाले जी

धर्मजागरण समाज का कार्य है, जिसे समाज को स्वयं करना होगा – सरकार्यवाह जी

रांची, 12 जनवरी।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी का रांची आगमन हुआ। इस अवसर पर सामाजिक सद्भाव बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें समाज के विभिन्न संगठनों, जाति-बिरादरी एवं समुदायों के 600 से अधिक प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। बैठक का उद्देश्य समाज में व्याप्त समसामयिक समस्याओं पर संवाद स्थापित करना तथा सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने के लिए सामूहिक प्रयासों पर विचार करना था।

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डॉ. हेडगेवार अवतारी पुरुष, संघ की कार्य पद्धति से हो रहा कार्यकर्ताओं का निर्माण: भवानी भीख

कानपुर, 11 जनवरी 2026 बर्रा-5 स्थित श्रीराम आश्रम में रविवार को आयोजित ‘विराट हिन्दू सम्मेलन’ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रांत संघचालक माननीय भवानी भीख जी ने भाग लिया। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को संगठित करना ही संघ का मुख्य लक्ष्य है और आज जो हिंदुओं में एकजुटता दिख रही है, वह संघ के प्रयासों का ही परिणाम है।

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संघ और चंद्रोदय मंदिर के भक्तों का उद्देश्य भारत को पुनः विश्व के आध्यात्मिक केंद्र के रूप में प्रतिष्ठित करना है – डॉ. मोहन भागवत जी

प्रभुपाद का जीवन संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणास्रोत – मोहन भागवत

वृंदावन, 10 जनवरी 2026।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी के वृंदावन चंद्रोदय मंदिर में आगमन पर मंदिर के भक्तों ने पारंपरिक वैदिक विधि के साथ स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने मंदिर विराजमान श्रीश्री राधा वृंदावन चंद्र के दिव्य दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना कर समाज के कल्याण हेतु मंगलकामना की।

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संघ और डॉक्टर साहब समानार्थक शब्द हैं – डॉ. मोहन भागवत जी

‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष – शतक’ के गीतों का लोकार्पण

नई दिल्ली, 11 जनवरी 2026।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने केशव कुंज, झंडेवालान में आयोजित कार्यक्रम में ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष – शतक’ फिल्म के दो गीतों ‘भारत मां के बच्चे, तथा ‘भगवा है मेरी पहचान’ का लोकार्पण किया। गीतों को गायक सुखविंदर सिंह ने आवाज दी है।

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समाज परिवर्तन के लिए सभी धार्मिक, सामाजिक संगठनों व सज्जन शक्ति को एकजुट होकर प्रयास करना होगा – दत्तात्रेय होसबाले जी

रोहतक। संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त रोहतक के गोहाना रोड स्थित शिक्षा भारती वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में “सज्जन शक्ति की समाज परिवर्तन में भूमिका” विषय पर सामाजिक सद्भाव विचार गोष्ठी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने कहा कि भारत विश्व का मार्गदर्शन कर सके इसके लिए देश को आंतरिक तौर पर मजबूत करना होगा, आंतरिक ताकत देनी होगी और संघ पिछले 100 वर्षों से इसके लिए ही कार्यरत है। देश को आंतरिक तौर पर मजबूत करने के लिए समाज की सज्जन शक्ति को एकजुट होकर आगे आना होगा। सद्भाव के साथ सभी महापुरुषों की जयंती मिलकर मनानी होगी, तभी राष्ट्र मजबूत होगा और जात-पात की खाई को पाटा जा सकेगा।

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धर्म का अर्थ पूजा-पद्धति नहीं; धर्म सबको साथ लेकर चलता है, सबका उत्थान करता है – डॉ. मोहन भागवत जी

हिन्दू पहचान हम सबको जोड़ती है; हिन्दू धार्मिक पहचान से बढ़कर, स्वभाव और प्रकृति है

भोपाल। संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त भोपाल में आयोजित ‘प्रमुख जन गोष्ठी’ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि हमारे मत-पंथ, सम्प्रदाय, भाषा, जाति अलग हो सकती है। लेकिन हिन्दू पहचान हम सबको जोड़ती है। हम सबकी एक संस्कृति और धर्म है। हम सबके पूर्वज समान हैं।

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जहां नारी का सम्मान और स्थान सुरक्षित होता है, वहां समाज स्वतः ही स्वस्थ रहता है – डॉ. मोहन भागवत जी

हमारा धर्म व संस्कृति मातृशक्ति के कारण ही सुरक्षित है, भोपाल में ‘मातृशक्ति संवाद’ में बोले सरसंघचालक जी

भोपाल। ‘मातृशक्ति संवाद’ कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि जब हम सभ्य समाज की बात करते हैं तो उसमें महिलाओं की भूमिका स्वतः ही केंद्रीय हो जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमारा धर्म, हमारी संस्कृति और हमारी सामाजिक व्यवस्था महिलाओं के कारण ही सुरक्षित है। अब वह समय चला गया, जब महिलाओं को केवल सुरक्षा की दृष्टि से घर तक सीमित रखा जाता था। आज परिवार और समाज दोनों को स्त्री और पुरुष मिलकर आगे बढ़ाते हैं, इसलिए दोनों का प्रबोधन आवश्यक है।

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सामाजिक सद्भाव नई अवधारणा नहीं, भारतीय समाज का स्वभाव रहा है – डॉ. मोहन भागवत जी

राष्ट्र निर्माण के लिए सभी एकजुट होकर कार्य करें – पंडित प्रदीप मिश्रा जी

भोपाल, 03 जनवरी 2026।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित सामाजिक सद्भाव बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि सामाजिक सद्भाव कोई नई अवधारणा नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज का स्वभाव रहा है। समाज में सज्जन शक्ति का जागरण, आचरण में पंच परिवर्तन और निरंतर सद्भावना संवाद आज की अनिवार्य आवश्यकता है। यह बैठक दो सत्रों में आयोजित की गई। प्रथम सत्र का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं भारत माता के चित्र पर पुष्पार्चन के साथ हुआ। मंच पर सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी, प्रख्यात कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा जी तथा मध्यभारत प्रांत संघचालक अशोक पांडेय जी उपस्थित रहे। मध्यभारत प्रान्त के 16 शासकीय जिलों के समाज के विभिन्न वर्गों और संगठनों के प्रतिनिधियों की सहभागिता बैठक में रही।

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अपने धर्म-संस्कृति का संरक्षण कर, भारत को परम वैभव पर ले जाने का लक्ष्य लेकर कार्य कर रहा – डॉ. मोहन भागवत जी

भोपाल, 02 जनवरी 2026।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के प्रसंग पर सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी का देशभर में प्रवास हो रहा है। इसी श्रृंखला में दो दिवसीय प्रवास के पहले दिन कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में युवाओं से संवाद किया। उन्होंने कहा कि संघ अपने जन्म से ही लक्ष्य लेकर चल रहा है कि अपने धर्म-संस्कृति का संरक्षण कर, अपने भारत को परम वैभव पर लेकर जाना है। संघ का प्रत्येक स्वयंसेवक यह प्रतिज्ञा करता है। कोई भी देश सम्पूर्ण समाज के योगदान से ही बड़ा होता है। नेता, नीति और व्यवस्था, ये सब तब सहायक होते हैं जब समाज गुण सम्पन्न होता है। भारत का युवा जाग गया है, वह अपने देश को समर्थ बनाना चाहता है। संघ युवाओं से आह्वान करता है कि वे संघ की शाखा में आएं या फिर संघ की योजना से चल रहे अपने रुचि के कार्य में जुड़कर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें।

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