देवी अहिल्याबाई होलकर : जन्म 31 मई, 1725

संक्षिप्त परिचय

देवी अहिल्याबाई होलकर का जन्म महाराष्ट्र के अहमदनगर के जामखेड़ स्थित चौंढी गांव में 31 मई 1725 को हुआ था। उनके पिता का नाम मानकोजी शिंदे था, जो मराठा साम्राज्य में पाटिल के पद पर कार्यरत थे। देवी अहिल्याबाई का विवाह मालवा में होलकर राज्य के संस्थापक मल्हारराव होलकर के पुत्र खंडेराव से हुआ था। साल 1745 में अहिल्याबाई के बेटे मालेराव का जन्म हुआ। इसके करीब 3 साल बाद बेटी मुक्ताबाई ने जन्म लिया।

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गीता जयंती

‘कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन। मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि’ 

संक्षिप्त परिचय

  • ‘श्रीमद्भगवद्गीता’ समस्त विश्व के लिए आध्यात्मिक दीप स्तम्भ है। अध्यात्म भारत की आत्मा है जो पूरे विश्व के लिए अनमोल उपहार है। ‘गीता’ भारतीय अध्यात्म की सबसे लोकप्रिय और प्रसिद्ध ग्रन्थ है। ‘गीता’ का प्रभाव देशकाल की सीमाओं में आबद्ध नहीं हैं बल्कि वैश्विक पटल पर गीता का प्रभाव परिलक्षित होता है।वर्तमान में हताश निराश एवं कर्मपथ से विमुख हो रही युवा पीढ़ी के लिए ‘श्रीमद्भगवद्गीता’ अँधेरे में एक रौशनी के समान है। ‘गीता’ में बताये रास्ते का अनुसरण कर आज की युवा पीढ़ी नैतिक मूल्यों का विकास कर समाज एवं देश के विकास में अपना योगदान दे सकती है। ‘गीता’ का सन्देश देश और काल से परे है। प्राचीन कालीन कृषि आधारित समाज से लेकर परवर्ती काल में वाणिज्य और उद्योग आधारित समाज तक और उसके बाद भी ज्ञान एवं तर्क आधारित समाज तक ‘श्रीमद्भगवद्गीता’ की प्रासंगिकता हर युग में रही है और आगे भी बनी रहेगी।

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विश्व मानवाधिकार दिवस (10 दिसम्बर 2024)

संक्षिप्त परिचय

मानव अधिकारों से तात्पर्य मानव के उन न्यूनतम अधिकारों से है जो प्रत्येक व्यक्ति को आवश्यक रूप से प्राप्त होने चाहिए, मानव अधिकारों का सम्बन्ध मानव की स्वतंत्रता, समानता एवं गरिमा के साथ जीने के लिए स्थितियाँ उत्पन्न करने से होता है। मानव अधिकार ही समाज में ऐसा वातावरण उत्पन्न करते हैं जिसमें सभी व्यक्ति समानता के साथ निर्भीक रूप से मानव गरिमा के साथ जीवन यापन करते हैं।

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1984 में सिख विरोधी दंगे

सारांश:

31 अक्टूबर 1984 को भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी की नई दिल्ली के सफदरजंग रोड स्थित उनके आवास पर हत्या कर दी गई थी। उनकी हत्या उनके अंगरक्षकों सतवंत सिंह और बेअंत सिंह ने की थी जो सिख समुदाय से थे। यह हत्या ऑपरेशन ब्लू स्टार की प्रतिक्रिया में की गई थी, जिसे प्रधानमंत्री द्वारा आदेश दिया गया था और जिसमें सिखों के सबसे पवित्र तीर्थस्थल श्री हरमंदिर साहिब पर सिख आतंकवादियों को बाहर निकालने के लिए सरकारी बलों द्वारा हमला किया गया था। ऑपरेशन ने सिख भावनाओं को भयानक चोट पहुंचाई, जिसने प्रधान मंत्री की हत्या के लिए उकसावे के रूप में कार्य किया।

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जम्मू-कश्मीर का भारत में अधिमिलन

भारत का विभाजन और आधिपत्य की समाप्ति कोई रियासत स्वतंत्र नहीं हो सकती थी

  • जब द्वितीय विश्व युद्ध समाप्त हुआ तो भारत में स्व-शासन आंदोलन तेजी से प्रगति कर रहा था। 12 मई, 1946 को स्टेट ट्रीटीस एवं पैरामाउंट का ज्ञापन कैबिनेट मिशन द्वारा चैंबर ऑफ प्रिंसेस के चांसलर के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
  • इसके बाद, 3 जून, 1947 को माउंटबैटन योजना की घोषणा कर दी गई। इस योजना की एक सलाह यह थी कि 562 रियासतें अपना भविष्य स्वयं तय करने के लिए स्वतंत्र हैं यानि वे भारत अथवा पाकिस्तान में से किसी एक को स्वीकार कर सकती हैं।

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श्रीगुरु ग्रन्थ साहिब प्रकाश उत्सव

भारत ऋषियों, मुनियों और तपस्वियों की धरती है। यहाँ वेद, गीता, रामचरितमानस जैसे कई धार्मिक ग्रंथों की रचना हुई। विश्व के प्रमुख धर्मग्रंथों में सबसे नवीन है गुरु ग्रंथ साहिब। न केवल आकार की दृष्टि से, बल्कि सामग्री के लिहाज से भी यह एक महत्त्वपूर्ण ग्रंथ है, जिसमें ईश्वर और मोक्ष के अलावा जीवन के प्रत्येक पहलू के बारे में व्यक्ति को मार्गदर्शन मिलता है।

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श्री नारायण गुरु

संक्षिप्त परिचय

  • श्री नारायण गुरु का जन्म 20 अगस्त, 1856 को ब्रिटिश भारत के तत्कालीन राज्य त्रावणकोर और वर्तमान भारत के केरल राज्य के तिरुवनंतपुरम के पास स्थित गांव चेम्पाझंथी में मदन आसन और उनकी पत्नी कुटियाम्मा के पुत्र के रूप हुआ था। 20 अगस्त, 1856 को ‘व्यालवरम’ नामक एक किसान परिवार में पैदा हुए बच्चे का नाम ‘नानू’ रखा गया जिसका अर्थ है ‘नारायण’।

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फोन में जय श्रीराम वाली रिंगटोन से बौखलाए मुसलमानों ने हिन्दू युवक को पीटा

महाराष्ट्र के जालना में एक हिन्दू युवक की इस्लामिक कट्टरपंथियों ने इसलिए पिटाई कर दी क्योंकि उसके फोन में जय श्रीराम वाली रिंगटोन थी, गंभीर रुप से घायल हुआ है हिन्दू युवक, घटना को लेकर हिन्दुओं में आक्रोश, सख्त कार्रवाई की मांग.

सुप्रीम कोर्ट ने पीएफआई के सभी 8 आतंकियों की जमानत की रद्द

सुप्रीम कोर्ट से प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) को बड़ा झटका; SC ने मद्रास हाईकोर्ट का फैसला पलटा, सभी 8 आतंकियों की जमानत की रद्द