बाराबंकी. बरेठी में नारायण सेवा संस्थान के लक्ष्मी नारायण मंदिर के लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने कहा कि हमारे मन्दिर मात्र पुण्य कमाने अर्थात माँगने का स्थान नहीं, बल्कि अन्तर्चेतना जागृति का केन्द्र है। मन्दिर मनुष्य के अंदर की चेतना को जागृत रखने से लेकर दूसरे के कष्ट को दूर करने, लोगों की सेवा करने का भाव जगाता है।
पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जी तथा सरसंघचालक जी की उपस्थिति में होगा शताब्दी वर्ष का शुभारम्भ
नागपुर, २२ सितम्बर। 02 अक्तूबर, २०२५ से २०२६ की विजयादशमी तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शताब्दी वर्ष मनाएगा। शताब्दी वर्ष में संघ के स्वयंसेवक पंच परिवर्तन को लेकर जनजागरण करेंगे। इनमें पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समसरता, स्व आधारित व्यवस्था, कुटुंब प्रबोधन तथा नागरिक कर्तव्य, इन बिंदुओं का समावेश रहेगा। शताब्दी वर्ष के दौरान व्यापक गृह संपर्क अभियान, हिन्दू सम्मेलन, प्रबुद्ध नागरिक गोष्ठी और सामाजिक सद्भाव बैठकों का आयोजन भी किया जाएगा।
बजरंग दल ने की कानपुर के कुष्माण्डा मंदिर परिसर से आपराधिक प्रवृत्ति के दुकानदारों को हटाने की मांग
कानपुर. बजरंग दल ने जिले के घाटमपुर के कुष्माण्डा मंदिर परिसर से आपराधिक प्रवृत्ति के दुकानदारों को हटाने की मांग को लेकर उपजिलाधिकारी, घाटमपुर को ज्ञापन सौपा।
देशभक्ति और देवभक्ति अलग-अलग नहीं – डॉ. मोहन भागवत जी
नागपुर, १० सितम्बर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि देवभक्ति और देशभक्ति, यह दो शब्द भले ही अलग दिखते हों, लेकिन हमारे देश में यह शब्द अलग नहीं है। जो वास्तविक देवभक्ति करेगा, वह देश की भी भक्ति करेगा। और जो प्रामाणिकता से देशभक्ति करेगा, उससे भगवान देवभक्ति भी करवा लेंगे। यह तर्क नहीं है, अनुभव की बात है। सरसंघचालक जी आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा नागपुर के मानकापुर क्रीडा स्टेडियम में आयोजित सोमनाथ ज्योतिर्लिंग महारुद्र पूजा के अवसर पर संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मंच पर आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर जी भी उपस्थित थे।
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संत नारायण गुरु जयंती पर विशेष
रवीन्द्रनाथ ठाकुर : “मैंने संसार के विभिन्न भागों की यात्रा की है। इस यात्रा में मुझे अनेक संत और ऋषियों से मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। परन्तु, यह सत्य है कि मुझें कोई ऐसा आध्यात्मिक व्यक्तित्व नहीं मिला जो केरल के श्री नारायण गुरु से महान हो। और न ही कोई ऐसा व्यक्तित्व मुझे ऐसा मिला है जिसने इनके समान आध्यात्मिक सिद्धि प्राप्त की हो। मुझे विश्वास है कि मैं उस तेजस्वी व्यक्तित्व को कभी नहीं मूल सकता जो देवी आलोक के स्वप्रकाश से दैदीप्यमान हो। मैं उन योगी नेत्रों को भी नहीं भूल सकता जो दूर क्षितिज में स्थिर अनिर्मेष भाव से स्थिर थीं।“[1]
अखिल भारतीय समन्वय बैठक संपन्न-शिक्षा, समाज और राष्ट्र जीवन के विविध आयामों पर विस्तार से हुई चर्चा
जोधपुर, 07 सितम्बर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय समन्वय बैठक के उपरांत 07 सितंबर, 2025 को लालसागर में आयोजित पत्रकार वार्ता में अ. भा. प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर जी ने शिक्षा, समाज और राष्ट्रीय जीवन के विविध पहलुओं सहित संघ शताब्दी वर्ष की योजनाओं पर विस्तृत जानकारी साझा की।
समन्वय बैठक में संघ शताब्दी व पंच परिवर्तन सहित शिक्षा नीति तथा जनजातीय क्षेत्रों में सामाजिक विकास होंगे चर्चा के विषय
भारत माता के चित्र के समक्ष पुष्पार्चन के साथ समन्वय बैठक आरम्भ
जोधपुर, 5 सितंबर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एवं संघ प्रेरित संगठनों के अखिल भारतीय पदाधिकारियों की बैठक जोधपुर में आरंभ हुई। प. पू. सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी और माननीय सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने आज प्रथम सत्र में भारत माता के चित्र के समक्ष पुष्पार्चन किया। तीन दिवसीय बैठक (5–7 सितम्बर) में 32 संगठनों के अखिल भारतीय पदाधिकारी भाग ले रहे हैं।
समन्वय बैठक में जनजातीय क्षेत्रों की सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों पर होगी चर्चा : सुनील आम्बेकर जी
जोधपुर, 04 सितम्बर। अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आम्बेकर जी ने आज प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रेरणा से चलने वाले विभिन्न संगठनों की अखिल भारतीय समन्वय बैठक 5 से 7 सितम्बर 2025 को जोधपुर के लालसागर में आयोजित होगी। बैठक में संघ प्रेरित 32 संगठनों के पदाधिकारी तथा महिला कार्यों का समन्वय देखने वाली कार्यकर्ता शामिल होंगी। कुल मिलाकर 320 कार्यकर्ता, बैठक में भाग लेंगे। बैठक में परम पूजनीय सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी का मार्गदर्शन प्राप्त होगा, साथ ही सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी और सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल जी, सीआर मुकुंद जी, अरुण कुमार जी, रामदत्त चक्रधर जी, अतुल लिमये जी, आलोक कुमार जी सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।
100 वर्ष की संघ यात्रा – नए क्षितिज : तृतीय दिवस
100 वर्ष की संघ यात्रा – नए क्षितिज : तृतीय दिवस
अंतरराष्ट्रीय व्यापार केवल स्वेच्छा से होना चाहिए, दबाव में नहीं – डॉ. मोहन भागवत जी
संघ का कार्य शुद्ध सात्त्विक प्रेम और समाजनिष्ठा पर आधारित है – सरसंघचालक जी
तीन दिवसीय व्याख्यानमाला ‘100 वर्ष की संघ यात्रा – नए क्षितिज’ का दूसरा दिन
