RSS के 100 वर्ष: कानपुर और महोबा में विराट हिंदू सम्मेलन, सामाजिक समरसता पर दिया जोर

कानपुर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में चल रही कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में ‘विराट हिंदू सम्मेलनों’ का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में कानपुर के नयागंज और महोबा के खन्ना क्षेत्र में भव्य कार्यक्रम संपन्न हुए, जिनमें हजारों की संख्या में स्वयंसेवकों और आम नागरिकों ने सहभागिता की। इन सम्मेलनों के माध्यम से समाज को जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर ‘परम वैभवशाली भारत’ के निर्माण हेतु एकजुट होने का संदेश दिया गया।

कानपुर: नयागंज में गूंजा सामाजिक समरसता का मंत्र

21 जनवरी 2026 को कानपुर के नयागंज स्थित नागेश्वर बस्ती-श्रद्धानन्द नगर में हिन्दू सम्मेलन आयोजन समिति द्वारा एक गरिमामयी सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित RSS के क्षेत्र प्रचारक श्रीमान अनिल जी ने कहा कि संघ के 100 वर्षों का इतिहास राष्ट्र के प्रति समर्पण और अटूट अनुशासन का रहा है। उन्होंने राष्ट्र निर्माण में स्वयंसेवकों की भूमिका और सामाजिक एकीकरण पर विस्तार से प्रकाश डाला।

इस अवसर पर जगद्गुरु कृपालु जी महाराज की शिष्या साध्वी डॉ. कुंजेश्वरी देवी जी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना को हिंदू समाज की शक्ति बताया। आयोजन की खास बात ‘समरसता’ का व्यावहारिक स्वरूप रही, जहाँ सफाई नायक राजकुमार दिल्लीवाल को उनके उल्लेखनीय सेवा कार्यों के लिए मंच पर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संयोजन घनश्याम जी और संचालन सोम गुप्ता ने किया।

महोबा: “जाति-पाति की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई”

महोबा के खन्ना थाना अंतर्गत ग्योडी गांव में आयोजित सम्मेलन में प्रांत प्रचारक श्री रामजी भाईसाहब का ओजस्वी मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। उन्होंने अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते सम्मान को हिंदू एकता का प्रत्यक्ष परिणाम बताया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “जब-जब हिंदू घटा है, तब-तब हिंदू कटा है, इसलिए हमें आंतरिक भेदभाव भूलकर एक होना होगा।”

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में साध्वी सर्वसिद्धा गिरी और पुरुषोत्तम महाराज उपस्थित रहे। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री के रूप में आज भारत को वैश्विक पटल पर जो सम्मान मिल रहा है, वह वास्तव में भारत की 140 करोड़ जनता और संगठित हिंदू समाज की शक्ति का सम्मान है।

अनुशासित और भव्य आयोजन

दोनों ही स्थानों पर आयोजनों की सबसे बड़ी विशेषता उनका अनुशासन रही। कानपुर में प्रशासन और पुलिस विभाग के सहयोग से यातायात और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। सम्मेलनों में समाज के हर वर्ग, महिलाओं और युवाओं की भारी उपस्थिति यह दर्शाती है कि संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने पर समाज में एक नई वैचारिक चेतना का संचार हो रहा है।

प्रमुख उपस्थिति:

कानपुर में कार्यक्रम के संयोजक घनश्याम जी रहे तथा संचालन सोम गुप्ता जी ने किया। मुख्य रूप से नागेश्वर बस्ती प्रमुख शशिकांत गुप्ता जी, शिवभगवान गोस्वामी जी, शशिकुमार गुप्ता जी, अरुण तिवारी जी, प्रवीण शुक्ला जी, विनीत चौधरी जी, सुरेन्द्र गुप्ता जी, वरुण गुप्ता जी आदि उपस्थित रहें।

वहीं महोबा में जिला प्रचारक सौरभ जी, जिला शारीरिक शिक्षण प्रमुख रोहित राज जी, जिला कार्यवाह प्रमोद जी, खंड कार्यवाह अंकित जी, खंड व्यवस्था प्रमुख रूपेन्द्र सिंह जी आदि उपस्थित रहें।

संघ किसी व्यक्ति या सत्ता के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र और समाज के लिए कार्य करता है – दत्तात्रेय होसबाले जी

समाज में किसी भी प्रकार का भेदभाव राष्ट्र की एकता के लिए घातक है

दरभंगा, 17 जनवरी 2026।

संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में प्रमुखजन संगोष्ठी का आयोजन आज डीएमसीएच ऑडिटोरियम, दरभंगा में किया गया। इस अवसर पर सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रबुद्धजनों, समाजसेवियों, शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों एवं बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों की सहभागिता रही।

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आधुनिक विकास के साथ ‘स्व’ आधारित जीवनशैली को अपनाना है : मा. सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबाले

मथुरा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की मथुरा में आयोजित दो दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक का शनिवार 26 अक्टूबर को समापन हो गया। दीनदयाल गौविज्ञान अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केन्द्र, गऊग्राम परखम, मथुरा में आयोजित बैठक के समापन अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि संघ व्यक्ति निर्माण का कार्य करता है और यह प्रक्रिया निरंतर जारी है।

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हमें छुआछूत के भाव को पूरी तरह मिटा देना है : डॉ. मोहन भागवत

अलवर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि हम अपने धर्म को भूलकर स्वार्थ के अधीन हो गए, इसलिए छुआछूत चला. ऊंच-नीच का भाव बढ़ा, हमें इस भाव को पूरी तरह मिटा देना है. जहां संघ का काम प्रभावी है. संघ की शक्ति है, वहां कम से कम मंदिर, पानी, शमशान सब हिन्दुओं के लिए खुले होंगे, यह काम समाज का मन बदलते हुए करना है. सामाजिक समरसता के माध्यम से परिवर्तन लाना है. उन्होंने स्वयंसेवकों से सामाजिक समरसता, पर्यावरण, कुटुम्ब प्रबोधन, स्व का भाव और नागरिक अनुशासन इन पांच विषयों को अपने जीवन में उतारने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि जब इन बातों को स्वयंसेवक अपने जीवन में उतारेंगे, तब समाज भी इनका अनुसरण करेगा.

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सामाजिक समरसता के लिए कार्य करें सभी परिवार – डॉ. मोहन भागवत

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