झांसी | 6 सितम्बर 2026
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में युवा सम्मेलन समिति, झांसी महानगर की ओर से ‘युवा व्यवसायी संवाद’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। झांसी स्थित पंडित दीनदयाल सभागार में आयोजित इस विशेष सत्र में सैकड़ों युवा व्यवसाइयों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आज की युवा पीढ़ी को अपनी व्यक्तिगत व्यावसायिक सफलता और रोजगार के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण, सामाजिक समरसता और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना रहा।
दीप प्रज्वलन और वन्दे मातरम से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ दीप प्रज्वलन और ‘वन्दे मातरम’ के सुमधुर गान के साथ हुआ। मंच पर मुख्य वक्ता के रूप में प्रज्ञा प्रवाह के राष्ट्रीय संयोजक एवं संघ के वरिष्ठ प्रचारक जे. नंदकुमार जी, विभाग संघचालक शिव कुमार भार्गव जी तथा महानगर संघचालक सतीश शरण जी मंचासीन रहे।
कार्यक्रम की प्रस्तावना योवेश पांचाल जी ने रखी, जबकि कुशल संचालन सह विभाग कार्यवाह शशिकांत जी ने किया। इस दौरान उपेन्द्र बबेले जी द्वारा प्रस्तुत एकल गीत ने सभागार में देशभक्ति का वातावरण निर्मित कर दिया।

‘वसुधैव कुटुम्बकम’ और सनातन संस्कृति का संदेश
अपने बौद्धिक संबोधन में मुख्य वक्ता जे. नंदकुमार ने भारतीय संस्कृति और इसके सार्वभौमिक मूल्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय चिंतन कभी भी केवल व्यक्तिगत या स्वार्थी कल्याण तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि यह ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ और ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ के उच्च आदर्शों पर आधारित है।
मुख्य भाषण के प्रमुख बिंदु:
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शांति और सह-अस्तित्व: विश्व कल्याण और शांति के लिए युद्ध नहीं, बल्कि मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के दिखाए ज्ञान, मर्यादा और सह-अस्तित्व के मार्ग पर चलने की आवश्यकता है।
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हिन्दू राष्ट्र की अवधारणा: भारत सदैव से सांस्कृतिक रूप से हिन्दू राष्ट्र रहा है और रहेगा। अखंड भारत के संकल्प को सिद्ध करने के लिए निरंतर कार्य जारी है।
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युवा शक्ति का उत्तरदायित्व: युवाओं को केवल अपनी व्यक्तिगत करियर ग्रोथ और सैलरी पैकेज तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्हें समाज के कमजोर वर्गों, पर्यावरण संरक्षण और परिवार प्रबोधन जैसी सामाजिक जिम्मेदारियों को भी उठाना होगा।
“देश का भविष्य युवाओं के हाथों में है। इसके लिए युवाओं में आत्मविश्वास, दृढ़ निश्चय, साहस और निर्भीकता जैसे गुणों का होना अत्यंत आवश्यक है।”— जे. नंदकुमार जी, राष्ट्रीय संयोजक, प्रज्ञा प्रवाह
संघ की कार्यपद्धति और डिजिटल युग का तालमेल
जे. नंदकुमार जी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अनूठी संगठनात्मक कार्यपद्धति पर चर्चा करते हुए बताया कि व्यक्ति-से-व्यक्ति का प्रत्यक्ष संवाद, साथ बैठना, खेलना और सीखना ही संघ का मूल आधार है। इसी सहज मानवीय जुड़ाव के कारण संघ आज डिजिटल युग की नई पीढ़ी से भी अपनी मूल प्रकृति को बनाए रखते हुए सफलता से जुड़ पा रहा है।

सत्र के अंत में एक विशेष प्रश्नोत्तर (Q&A) काल रखा गया, जिसमें युवाओं ने राष्ट्र, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों से जुड़े 15 प्रश्न पूछे। मुख्य वक्ता ने सभी जिज्ञासाओं का अत्यंत सहजता और तार्किकता से उत्तर दिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख गणमान्य
इस संवाद कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही:
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अनिल श्रीवास्तव जी (क्षेत्रीय सह-कार्यवाह, पूर्वी उत्तर प्रदेश)
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रामकेश जी (प्रांत कार्यवाह)
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मुनीश जी (सह-प्रांत प्रचारक, कानपुर प्रांत)
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धर्मेंद्र जी (विभाग कार्यवाह) एवं मनोज जी (विभाग प्रचारक)
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मुकुल जी (महानगर कार्यवाह), जयपाल जी (सह महानगर कार्यवाह)
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यश जी (महानगर प्रचारक), मयंक जी (महानगर सायं प्रचारक)
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मनोज टाटा जी (विभाग प्रचार प्रमुख) एवं डॉ. जितेन्द्र मिश्रा जी (महानगर प्रचार प्रमुख)

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1: झांसी में ‘युवा व्यवसायी संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किसने किया था?
Ans: इस कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में युवा सम्मेलन समिति, झांसी महानगर द्वारा किया गया था।
Q2: ‘युवा व्यवसायी संवाद’ के मुख्य वक्ता कौन थे?
Ans: कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रज्ञा प्रवाह के राष्ट्रीय संयोजक एवं RSS के वरिष्ठ प्रचारक जे. नंदकुमार थे।
Q3: इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या था?
Ans: युवाओं को व्यावसायिक सफलता के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण, नागरिक कर्तव्यों, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता के प्रति जागरूक करना इसका मुख्य उद्देश्य था।
