बिरसा मुंडा के ‘उलगुलान’ के बाद सबसे बड़ा जनजातीय आंदोलन है लाल किले का यह समागम: अमित शाह

नई दिल्ली। 24 मई 2026

दिल्ली के लाल किला मैदान में जनजाति सांस्कृतिक समागम के भव्य आयोजन के मौके पर भारत सरकार के गृहमंत्री अमित शाह ने लगभग 1.5 लाख जनजातियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि यह समागम जनजातियों के महाकुंभ के नाम से जाना जाएगा। गृह मंत्री ने कहा कि यह सांस्कृतिक समागम आने वाले अनेक वर्षों तक जनजातियों के अस्तित्व , अस्मिता और संस्कृति के आंदोलन को नई पहचान देने के रूप में जाना जाएगा।

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जितना भव्य भवन उतना भव्य कार्य खड़ा करना है : डॉ. मोहन भागवत

नई दिल्ली. ‘देश में संघ कार्य गति पकड़ रहा है, व्यापक हो रहा है। आज जिस पुनर्निर्मित भवन का यह प्रवेशोत्सव है उसकी भव्यता के अनुरूप ही हमें संघ कार्य का रूवरूप भव्य बनाना है और हमारे कार्य से उसकी अनुभुति होनी चाहिए। यह कार्य पूरे विश्व तक जाएगा और भारत को विश्वगुरु के पद पर आसीन करेगा, ऐसा हमें पूर्ण विश्वास है।

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