पिथौरागढ़, उत्तराखंड. जिले के सीमांत क्षेत्र (मुआनी) में पहुंचे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने शेर सिंह कार्की सरस्वती विहार विद्यालय के नव निर्मित भवन को आज क्षेत्र की जनता को समर्पित किया. लोकार्पण कार्यक्रम के अवसर पर सरसंघचालक जी ने चंदन का पौधा रोपा. सीमांत जनजाति समुदाय ने सरसंघचालक जी का परम्परागत रीति से स्वागत किया.
विकास की भारतीय अवधारणा समग्र और प्रकृति के तालमेल बनाकर चलने वाली है – डॉ. मोहन भागवत जी
भारतीय शिक्षण मंडल के अखिल भारतीय शोधार्थी सम्मेलन विविभि 2024 का शुभारम्भ
धर्मयोद्धा : भगवान बिरसा मुंडा
भारत में जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों और योद्धाओं की एक दीर्घ परंपरा रही है और स्वतंत्रता संग्राम में उसका अविस्मरणीय योगदान है। इतिहास और राष्ट्रीय संदर्भ में बिरसा मुंडा ऐसा व्यक्तित्व है, जिसने तत्कालीन जनजातीय समाज की परिसीमितता की परिधि को तोड़कर राष्ट्र और धर्म के परिप्रेक्ष्य में ऐसा अमूल्य योगदान दिया जो किसी भी प्रकार से स्वतंत्रता आंदोलन के हमारे अन्य नायकों, विचारकों और चिंतकों के योगदान से कम नहीं है।
गुरु नानक देव जी की आध्यात्मिक यात्राएँ
गुरु नानक जी की दिव्य आध्यात्मिक यात्राओं को उदासी कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि गुरु नानक जी दुनिया के दूसरे सबसे अधिक यात्रा करने वाले व्यक्ति हैं। उनकी अधिकांश यात्राएँ उनके साथी भाई मर्दाना जी के साथ पैदल ही की गई थीं। उन्होंने सभी चार दिशाओं – उत्तर, पूर्व, पश्चिम की यात्राओं को एक अभिलेख के रूप में जाता है। वैसे ऐसे भी अभिलेख हैं जो इस बात का संकेत करते है कि गुरु नानक जी ने सबसे अधिक यात्राएं की थी।
संत नामदेव
संक्षिप्त परिचय
- संत नामदेव भारत के सांस्कृतिक इतिहास, विशेष रूप से भक्ति परंपरा, के एक केंद्रीय व्यक्तित्व हैं। वे तेरहवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में दक्कन के मराठी भाषी क्षेत्र में एक हिंदू परिवार में जन्मे थे।
श्री दत्तोपंत ठेंगड़ी जयंती – 10 नवंबर 1920
संक्षिप्त परिचय
दत्तात्रेय बापूराव जी को ही दत्तोपंत ठेंगड़ी के नाम से जाना जाता है, वह एक बुद्धिजीवी, संगठनकर्ता, दार्शनिक, विचारक और उत्कृष्ट वक्ता थे। उनका जन्म हिन्दू पंचांग के अनुसार कार्तिक अमावस्या विक्रम संवत १९७७ अर्थात ग्रेगोरियन कैलेंडर के 10 नवंबर, 1920 को महाराष्ट्र के वर्धा जिले के अरवी ग्राम में हुआ था।
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सूर्य षष्ठी पर्व में सम्मिलित हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह आलोक कुमार
पटना, 8 नवंबर. लोक आस्था के महान पर्व छठ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह आलोक कुमार जी सम्मिलित हुए. पटना के भद्र घाट में उपस्थित होकर उन्होंने दूध और गंगा जल समर्पित किया.
1984 में सिख विरोधी दंगे
सारांश:
31 अक्टूबर 1984 को भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी की नई दिल्ली के सफदरजंग रोड स्थित उनके आवास पर हत्या कर दी गई थी। उनकी हत्या उनके अंगरक्षकों सतवंत सिंह और बेअंत सिंह ने की थी जो सिख समुदाय से थे। यह हत्या ऑपरेशन ब्लू स्टार की प्रतिक्रिया में की गई थी, जिसे प्रधानमंत्री द्वारा आदेश दिया गया था और जिसमें सिखों के सबसे पवित्र तीर्थस्थल श्री हरमंदिर साहिब पर सिख आतंकवादियों को बाहर निकालने के लिए सरकारी बलों द्वारा हमला किया गया था। ऑपरेशन ने सिख भावनाओं को भयानक चोट पहुंचाई, जिसने प्रधान मंत्री की हत्या के लिए उकसावे के रूप में कार्य किया।
भगिनी निवेदिता जयंती – 28 अक्टूबर 1867
संक्षिप्त परिचय
भगिनी निवेदिता का पूर्वनाम था – मार्गरेट एलिज़ाबेथ नोबल। उत्तर आयरलैण्ड के डानगैनन नामक एक छोटे-से शहर में 28 अक्टूबर 1867 को उनका जन्म हुआ। उनके पिता सेमुएल रिचमण्ड नोबल तथा माता का नाम मेरी इसाबेल था। केवल दस वर्ष की आयु में उनके पिता की मृत्यु के उपरान्त अभिभावक का दायित्व-पालन नाना हैमिल्टन ने किया। हैमिल्टन आयरलैण्ड के स्वतन्त्रता आन्दोलन के एक विशिष्ट नेता थे।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का अखिल भारतीय विविध संगठन प्रचारक वर्ग 31अक्तूबर से 4 नवम्बर तक
ग्वालियर, 26 अक्तूबर 2024. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से प्रेरित समाज जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत प्रचारक बन्धुओं का वर्ग 31 अक्तूबर से 4 नवम्बर 2024 तक, शुभ दीपावली पर्व पर ग्वालियर, मध्यप्रदेश में आयोजित हो रहा है। इस वर्ग में देश भर से 31 विविध संगठन के कुल 554 प्रचारक सहभागी होनेवाले है। इस वर्ग का स्वरूप प्रशिक्षणात्मक रहेगा।
